अर्जेन्टीना में शुल्क कटौती से सोया तेल का भाव प्रतिस्पर्धी स्तर पर रहने की संभावना
13-Jun-2026 12:23 PM
मुम्बई। लैटिन अमरीका में अवस्थित अर्जेन्टीना संसार में सोयाबीन तेल एवं सोया मील का सबसे प्रमुख निर्यातक देश है और सोया तेल के वैश्विक बाजार मूल्य को काफी हद तक प्रभावित करता है। वहां सरकार ने सोया तेल पर निर्यात शुल्क में क्रमिक रूप से कटौती करने का निर्णय लिया है जिससे आगामी समय में इसका भाव प्रतिस्पर्धी स्तर पर रहने की संभावना है। इससे खासकर भारत को अच्छी राहत मिल सकती है जो दुनिया में सोया तेल सहित खाद्य तेलों का सबसे प्रमुख खरीदार बना हुआ है।
अर्जेन्टीना सरकार ने जनवरी 2027 से सोया तेल पर निर्यात शुल्क घटाने का निर्णय लिया है जिसका सिलसिला दिसम्बर 2028 तक बरकरार रहेगा। इससे वैश्विक बाजार में उसके सोया तेल की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। अर्जेन्टीना के राष्ट्र्पति ने जनवरी 2027 से सोया तेल पर निर्यात शुल्क में प्रत्येक माह 0.25 या 0.50 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की है।
इसका मतलब यह हुआ कि प्रत्येक चार माह पर वहां निर्यात शुल्क में 1 या 2 प्रतिशत तथा पूरे वर्ष में 3 या 6 प्रतिशत की कटौती हो जाएगी। दो साल में यह आंकड़ा बढ़कर 6 या 12 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। 21 मई को राष्ट्रपति ने शुल्क कटौती की घोषणा की थी और 3 जून को इसे आधिकारिक गजट में प्रकाशित कर दिया गया।
अर्जेन्टीना में फिलहाल सोया तेल पर 24 प्रतिशत का निर्यात शुल्क लागू है जिसे अगले साल घटाकर 21 प्रतिशत तथा दिसम्बर 2028 तक घटाकर 15 प्रतिशत पर लाने का प्लान बनाया गया है। निर्यात शुल्क में कटौती होने पर अर्जेन्टीना से सोया तेल का शिपमेंट तेजी से बढ़ने की उम्मीद की जा रही है
जिससे वहां किसानों को सोयाबीन का उत्पादन बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन मिल सकता है। भारत में सोया तेल का सर्वाधिक आयात अर्जेन्टीना से ही किया जाता है इसलिए उसे विशेष राहत मिल सकती है।
