अंतर्राष्ट्रीय/घरेलू तेल तिलहन बाजार

29-Nov-2024 09:23 AM

अंतर्राष्ट्रीय तेल तिलहन बाजार
★ कल थैंक्सगिविंग डे के कारण अमरीकी तेल तिलहन वायदा बाजार नहीं खुले थे।
★ KLCE ने कल ही 5000 रिंगिट का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ा।
★ आज KLCE मजबूती के साथ खुला।
★ दरअसल ट्रंप सरकार आने के बाद सरकार द्वारा कनाडा, चीन, मेक्सिको के उत्पादों पर आयात शुल्क लगाये जाने की ख़बरों से बाजारों में हलचल बढ़ी, साथ KLCE बाजार बढ़ने का कारण दोनों पाम उत्पादक देशों में उत्पादन कमजोर पड़ना व बायोडीजल में इस्तमाल बढ़ना।
★ अगले सप्ताह अगर KLCE बाजार मजबूत रहे तो इसका असर भारतीय बाजारों पर तुरंत पड़ सकता है।
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घरेलू तेल तिलहन बाजार
★ भारतीय तेल तिलहन बाजारों में मंदी के कई कारण।
1. बड़ी मात्रा में सस्ते में खाद्य तेलों का आयात होना।
2. घरेलू क्रशिंग घटना
3. नैफेड, हैफेड द्वारा बड़ी मात्रा में की जा रही सरसों की बिक्री
4. सर्दियों में पाम तेल की खपत कम होना
★ सोया की सरकरी खरीद 25.11.24 तक 1.54 लाख टन पहुंची जो भविष्य में और बढ़ सकती हैं क्योंकि मंडी में सोया की कीमतें MSP से नीचे, तथा खरीद बढ़ाने के लिए नमी की मात्रा 12% से बढ़ाकर 15% की गयी।
★ अब सोचिये गत सीजन में सरसों की भारी मात्रा में खरीद की गयी जिसे अब बेचा जा रहा है।
★ अगर सोया की खरीद बड़ी मात्रा में हुई तो सोया की बिक्री सरसों की तरह की जाएगी तो ऐसे में सोया के भाव कैसे बढ़ेंगे, सोचें।