अत्यधिक वर्षा से महाराष्ट्र में 8 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलें क्षतिग्रस्त

28-Aug-2025 09:28 PM

पुणे। लगातार कई दिनों तक जोरदार बारिश होने के बाद  महाराष्ट्र के आसमान पर पुनः घने बादलों का झुण्ड मंडरा रहा है जिससे खरीफ फसलों के लिए खतरा और भी बढ़ गया है। आरंभिक अनुमान के अनुसार राज्य में करीब 8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलें पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चालू माह (अगस्त) के दौरान अत्यधिक बारिश एवं खेतों में जल भराव के कारण मराठवाड़ा, विदर्भ, पश्चिम महाराष्ट्र एवं उत्तरी महाराष्ट्र के 187 तालुकों के 654 राजस्व सर्किल में खरीफ फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। 

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री के मुताबिक राज्य के नांदेड जिले में सर्वाधिक 285 लाख हेक्टेयर तथा वाशिम जिले में 1.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसके अलावा यवतमाल जिले में 92 हजार हेक्टेयर तथा बुलढाणा जिले में 89 हजार हेक्टेयर में फसलों को नुकसान हुआ है। 

अत्यधिक बारिश का दौर उस समय आरंभ हुआ जब खरीफ फसलें महत्वपूर्ण चरण से गुजर रही थी। राज्य में इस बार करीब 39 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती हुई और जब इसमें फूल लगने की प्रक्रिय आरंभ हुई तब भारी वर्षा का दौर शुरू हो गया। इसी तरह सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र करीब 50 लाख हेक्टेयर रहा और इसके कई खेतों में भी पानी भर गया। जल जमाव से महाराष्ट्र में तुवर एवं मक्का की फसल को भी नुकसान होने की सूचना मिल रही है।  

आसमान पर बादल छाए रहने तथा वातावरण में नमी का अंश बढ़ने से महाराष्ट्र में अब खरीफ फसलों पर रोगों-कीड़ों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है जिससे नुकसान का दायरा बढ़ सकता है।

यदि निचले इलाकों में बारिश की वजह से पानी का जमाव बरकरार रहा तो फसलें पूरी तरह चौपट हो सकती है किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

वहां अनार की फसल भी क्षतिग्रस्त हुई है। राज्य में करीब 30 हजार हेक्टेयर में अनार के बागान (बगीचे) हैं जिसमें से 7500 हेक्टेयर में फसल क्षतिग्रस्त हुई है।

उधर उत्तरी महाराष्ट्र में उड़द की फसल प्रभावित होने की सूचना मिल रही है। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। फसल को हुए नुकसान का सर्वे करवाया जा रहा है।