अधिक मात्रा का ऑफर होने से साप्ताहिक नीलामी में गेहूं का भाव नरम
28-Feb-2025 03:38 PM
नई दिल्ली । भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत 27 फरवरी को आयोजित साप्ताहिक ई-नीलामी में गेहूं का भाव कुछ नरम रहा जिसका प्रमुख कारण बिक्री की मात्रा में भारी बढ़ोत्तरी होना माना जा रहा है।
लेकिन चूंकि मौसम की हालत गेहूं की फसल के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं है इसलिए खुले बाजार में इसका भाव उद्योग-व्यापार क्षेत्र द्वारा लगाए जाने वाले उत्पादन अनुमान के आधार पर घट बढ़ सकता है।
रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा गोवा में 3-4 मार्च 2025 को गेहूं सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है जिसमें 2024-25 सीजन के दौरान गेहूं के घरेलू उत्पादन, कारोबार तथा भाव आदि का अनुमान लगाया जाएगा।
27 फरवरी को आयोजित नीलामी में कुल 5 लाख टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया जबकि पहले इसकी मात्रा 4 लाख टन रही थी।
दरअसल 19 फरवरी को आयोजित नीलामी में गेहूं के लिए बिक्री का ऑफर एक लाख टन बढ़ा दिया और इसका 63 प्रतिशत भाग पांच प्रमुख उत्पादक राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान के लिए आवंटित कर दिया। बिहार, आसाम, कर्नाटक, दिल्ली तथा महाराष्ट्र के लिए भी गेहूं की बिक्री का कोटा बढ़ाया गया।
दिलचस्प तथ्य यह है कि 27 फरवरी को आयोजित नीलामी में 5 लाख टन गेहूं का ऑफर दिया गया जिसमें से 4.98 लाख टन की बिक्री हो गई।
पंजाब तथा उत्तर प्रदेश के लिए 17-17 हजार टन का ऑफर बढ़ाया गया था और वहां इसकी शत-प्रतिशत खरीद कर ली गई।
इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकारी गेहूं की खरीद में मिलर्स- प्रोसेसर्स का जबरदस्त आकर्षण बना हुआ है क्योंकि खुले बाजार में गेहूं का भाव काफी ऊंचा चल रहा है।
सरकारी गेहूं की खरीद 2520 से 2985 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की गई जबकि पिछले सप्ताह इसका दाम 2958 से 3159 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रहा था।
यह उत्तर प्रदेश का भाव है। इसी तरह पंजाब में सरकारी गेहूं की खरीद का मूल्य गत सप्ताह के 2880-3100 रुपए प्रति क्विंटल से घटकर चालू सप्ताह में 2600/2850 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
