अधिकांश जिंसों का भाव घटकर एमएसपी से नीचे आया

23-Apr-2025 04:34 PM

नई दिल्ली। रबी सीजन की फसलों की जोरदार कटाई-तैयारी तथा मंडियों में भरपूर आवक जारी रहने से  विभिन्न जिंसों का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आ गया है। इसमें दलहन, तिलहन तथा  धान मुख्य रूप से शामिल है जबकि गेहूं और कपास का दाम एमएसपी से कुछ ही ऊपर है।

उद्योग समीक्षकों के अनुसार मौसम की हालत अनुकूल रहने से खरीफ एवं रबी सीजन के दौरान उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने तथा विदेशों से खासकर दलहनों एवं खाद्य तेलों का विशाल आयात होने से कीमतों पर दबाव बन गया है।

हालांकि केन्द्र सरकार द्वारा मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत दलहन-तिलहन की रिकॉर्ड खरीद का प्रयास कर रही है लेकिन इसके बावजूद कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल नहीं बन रहा है। सरकार को भरोसा है कि बेहतर उत्पादन के सहारे आगामी महीनों के दौरान खाद्य महंगाई को नियंत्रित करना आसान हो जाएगा। 

सामान्य श्रेणी के धान का  न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है जबकि थोक मार्केट भाग इससे 2 प्रतिशत नीचे चल रहा है।

खरीफ कालीन धान की कटाई पहले ही समाप्त हो चुकी है जबकि रबी सीजन की फसल काटी जा रही है। खरीफ कालीन धान की सरकारी खरीद इस बार 5 प्रतिशत बढ़ाकर 860 लाख टन के करीब पहुंच गई। 

गेहूं का एमएसपी इस बार 2425 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है जबकि मंडी भाव इससे कुछ ऊपर चल रहा है। व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक इस बार गेहूं का शानदार घरेलू उत्पादन हुआ है इसलिए जब आगामी महीनों में आपूर्ति का ऑफ सीजन रहेगा तब भी इसका भाव सरकारी समर्थन मूल्य की तुलना में महज 3 से 5 प्रतिशत तक ऊंचा रह सकता है।

कपास का मंडी भाव एमएसपी से करीब 4 प्रतिशत ऊपर है। दलहन फसलों में तुवर एवं चना का दाम घटकर एमएसपी से नीचे आ गया है। रबी कालीन दलहन फसलों की जोरदार कटाई-तैयारी जारी है और कुल मिलावट फसल की हालत अच्छी बताई जा रही है।

कुछ तिलहनों की कीमत भी नीचे चल रही है जिसमें सोयाबीन एवं मूंगफली मुख्य रूप से शामिल है। सरसों का भाव कहीं ऊंचा तो कहीं नीचे चल रही है। चना, सरसों एवं मसूर की सरकारी खरीद हो रही है जबकि गेहूं की खरीद में प्रगति देखी जा रही है।