अधिकांश राज्यों में बढ़ा धान का उत्पादन क्षेत्र
11-Sep-2025 01:15 PM
नई दिल्ली। वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान भारतीय किसानों द्वारा धान की खेती को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है जिससे इस सर्वाधिक महत्वपूर्ण खाद्यान्न के उत्पादन क्षेत्र में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू खरीफ सीजन के दौरान 5 सितम्बर 2025 तक धान का घरेलू उत्पादन क्षेत्र उछलकर 438.28 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया
जो पिछले साल की समान अवधि के रकबा 418.66 लाख हेक्टेयर से 19.62 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। इस बार धान का सामान्य औसत क्षेत्रफल 403 लाख हेक्टेयर के आसपास आंका गया है।
धान संभवत: एक मात्र ऐसा कृषि उत्पाद है जिसकी खेती देश के सभी राज्यों में होती है। पिछले साल के मुकाबले इस बार अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में धान के रकबे में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है जिसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल एवं बिहार के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात एवं राजस्थान जैसे प्रान्त भी शामिल हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक गत वर्ष के मुकाबले चालू, खरीफ सीजन के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र राजस्थान में 2.98 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.44 लाख हेक्टेयर, गुजरात में 8.85 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 9 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 14.85 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 15.12 लाख हेक्टेयर,
आंध्र प्रदेश में 11.36 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 12.97 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 55.67 लाख एकड़ से बढ़कर 62.28 लाख एकड़ पर पहुंचा। मध्य प्रदेश में इसका रकबा 36.20 लाख हेक्टेयर, पंजाब में करीब 32 लाख हेक्टेयर और उत्तर प्रदेश में 71.05 लाख हेक्टयर दर्ज किया गया।
हालांकि पंजाब सहित कुछ राज्यों में अधिशेष वर्षा एवं भयंकर बाढ़ से धान की फसल को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है लेकिन क्षेत्रफल में भारी बढ़ोत्तरी को देखते हुए इसका कुल उत्पादन पिछले साल से बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकारी गोदामों में चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है इसलिए अगर उत्पादन में वृद्धि नहीं हुई तब भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं रहेगा।
