अधिकांश दलहन-तिलहन का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे

19-Sep-2025 01:43 PM

नई दिल्ली। अधिकांश खरीफ कालीन दलहन-तिलहन जिंसों का औसत थोक मंडी भाव 2025-26 सीजन के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की तुलना में 1070 से 1780 रुपए प्रति क्विंटल नीचे चल रहा है जबकि अभी नई फसल की ठीक से आवक भी शुरू नहीं हुई है। कुछ इलाकों में ही नए माल की थोड़ी-बहुत आपूर्ति हो रही है।

मध्य अक्टूबर से इसकी आपूर्ति की गति तेज होने की संभावना है और यदि कीमतों में नरमी का माहौल बना रहा तो किसानों को अपने उत्पादों का लाभप्रद मूल्य हासिल करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ सकता है। ऐसी हालत में एक बार फिर सरकार को उत्पादकों से सोयाबीन, मूंगफली, तुवर, उड़द एवं मूंग की विशाल मात्रा की खरीद करने के लिए मंडियों में हस्तक्षेप करना पड़ेगा। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दलहन फसलों के संवर्ग में मूंग का औसत मंडी भाव 7220 रुपए प्रति क्विंटल, उड़द का 6368 रुपए प्रति क्विंटल तथा अरहर (तुवर) का भाव 6222 रुपए प्रति क्विंटल  चल रहा है।

केन्द्र सरकार ने 2025-26 सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य मूंग का 8768 रुपए प्रति क्विंटल, उड़द का 7800 रुपए प्रति क्विंटल तथा तुवर का 8000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। 

इसी तरह तिलहन फसलों के संवर्ग में मूंगफली का एमएसपी 7263 रुपए प्रति क्विंटल तथा सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है

जबकि इसका औसत थोक मंडी भाव क्रमश: 5682 रुपए प्रति क्विंटल और 4262 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। उपरोक्त आंकड़े केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के एक निकाय- एगमार्कनेट पोर्टल द्वारा 1 से 18 सितम्बर 2025 के बीच संकलित ब्यौरे पर आधारित हैं। 

समीक्षकों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ सीजन में तुवर, मूंग तथा सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र में गिरावट आई है और उड़द तथा मूंगफली के क्षेत्रफल में मामूली वृद्धि हुई है।

साथ ही साथ अधिशेष वर्षा एवं बाढ़ से दलहन-तिलहन फसलों को नुकसान भी हुआ है। इसके बावजूद थोक मंडी भाव नरम रहना गंभीर चिंता का विषय है।