बाढ़-वर्षा से फसलों को हुई क्षति का आंकलन जारी

11-Sep-2025 06:24 PM

नई दिल्ली। देश के विभिन्न राज्यों में हुई मानसून की अधिशेष वर्षा एवं नदियों में आई भयंकर बाढ़ के कारण खरीफ फसलों को काफी नुकसान हुआ है जिसका सर्वेक्षण-आंकलन किया जा रहा है। पंजाब तथा राजस्थान के कई क्षेत्रों में खेत अब भी जलमग्न है जिससे नुकसान का वास्तविक अनुमान लगाना कठिन हो रहा है।

गुजरात के बनासकंठा जिले में बाढ़ से हालत खराब हो गई है। जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह नहीं उतरेगा और खेतों से पानी की निकासी नहीं होगी तब तक क्षति का जायजा लेना कठिन होगा।

फिलहाल केन्द्र सरकार ने पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है जबकि अन्य बाढ़ प्रभावित राज्यों पर भी सरकार की नजर है। 

जुलाई-अगस्त की अधिशेष वर्षा से देश के करीब एक दर्जन राज्यों में बाढ़ का प्रकोप देखा गया जिससे पंजाब एवं राजस्थान के साथ-साथ जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, गुजरात, बिहार, उड़ीसा, महाराष्ट्र, झारखंड, तेलंगाना एवं कर्नाटक आदि शामिल हैं।

लेकिन पंजाब एवं राजस्थान के मुकाबले अन्य राज्यों में खरीफ फसलों को कम नुकसान हुआ है। उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में भी बाढ़ का प्रकोप रहा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए। 

भारी वर्षा एवं विनाशकारी बाढ़ से जिन खरीफ फसलों को ज्यादा नुकसान होने की आशंका है उसमें धान, मूंग, उड़द, ज्वार, बाजरा, मूंगफली, सोयाबीन, तिल एवं कपास मुख्य रूप से शामिल है।

हालांकि पिछले साल की तुलना में इस बार खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़ा है मगर इसमें धान एवं मक्का का सर्वाधिक योगदान रहा है। अन्य खरीफ फसलों के क्षेत्रफल में या तो सीमित बढ़ोत्तरी हुई है या गिरावट आई है।

सोयाबीन एवं कपास के बिजाई क्षेत्र में ज्यादा कमी आई है। कुछ इलाकों में मानसून की वर्षा अभी जारी है जिससे निचले इलाकों में खरीफ फसलों के लिए खतरा बना हुआ है।

मौसम विभाग ने मानसून की वापसी की तिथि 17 सितम्बर नियत कर रखी है। देखना है कि मानसून अपनी प्रस्थान यात्रा कब से शुरू करता है।