बाढ़-वर्षा से खरीफ फसलों को वास्तव में भारी नुकसान

09-Sep-2025 03:25 PM

नई दिल्ली। पंजाब एवं राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में मानसून की जोरदार बारिश होने तथा भयंकर बाढ़ का प्रकोप रहने से खरीफ फसलों को काफी क्षति होने की सूचना मिल रही है

लेकिन इस क्षति का वास्तविक आंकलन करने में कुछ समय लग जाएगा। जब बाढ़ का पानी घट जाएगा और भारी वर्षा का दौर भी थम जाएगा तब फसलों को होने वाली क्षति की वास्तविक तस्वीर सामने आ पाएगी। नुकसान एक-दो नहीं बल्कि लगभग सभी फसलों को हुआ है। 

वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केन्द्रीय स्तर से अंतर- मंत्रालयी टीम पंजाब भेजी जा रही है। स्वयं प्रधानमंत्री आज पंजाब के दौरे पर रहेंगे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

अधिकारियों के अनुसार जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात एवं तेलंगाना जैसे राज्यों के विभिन्न इलाकों में भयंकर बाढ़ से विभिन्न फसलों को काफी नुकसान होने की खबर मिल रही है।

लेकिन पंजाब की तुलना में अन्य  राज्यों में नुकसान कम हुआ है और इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर खरीफ फसलों के उत्पादन में चिंताजनक स्तर तक गिरावट आने की संभावना नहीं है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार फसलों को हुई क्षति एक वास्तविकता है लेकिन फिर भी प्रमुख फसलों का उत्पादन सामान्य या संतोषजनक होने की उम्मीद है। कुछ फसलों की पैदावार घट सकती है।

जिन इलाकों में अत्यन्त मूसलाधार वर्षा से खेतों में लम्बे समय से पानी भरा हुआ है वहां फसलों को हानि हुई है। इसी तरह बाढ़ ग्रस्त इलाकों में फसलें न केवल जलमग्न हो गई बल्कि उसे मलवा एवं कीचड़ ने बुरी तरह दबा दिया। खरीफ फसलों की बिजाई की गति भी धीमी पड़ गई है जिससे स्पष्ट पता चलता है कि बिजाई के लिए हालत अनुकूल नहीं है। 

खरीफ फसलों की बिजाई का सीजन बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गया है और चालू माह के दूसरे या तीसरे सप्ताह में इसकी समाप्ति हो जाएगी।