बांग्ला देश को भारत से व्यापार युद्ध महंगा पड़ेगा

21-Apr-2025 05:05 PM

कोलकाता। चीन और पाकिस्तान से नजदीकी तथा भारत से दूरी बढ़ाने का बांग्ला देश का प्रयास भविष्य में उसके लिए अत्यन्त घातक साबित हो सकता है।

भारत को परेशान करने की नीति के तहत भले ही वह चीन और पाकिस्तान के साथ जुगलबंदी कर रहा है लेकिन इतना तो निश्चित है कि ये दोनों देश बांग्ला देश की जितनी सहायता नहीं करेंगे उससे ज्यादा उसका शोषण करेंगे। 

बांग्ला देश को भारत से चावल, रूई, चीनी, मसाला एवं ऑयल मील सहित अनेक कृषि उत्पादों तथा औद्योगिक सामानों का निर्यात होता है। लेकिन उसने इन उत्पादों का आयात रोकने या घटाने का प्रयास शुरू कर दिया है।

भारत की सीमा के नजदीक अपने तीन लैंड पोर्ट को उसने बंद करने का फैसला किया है जिससे दोनों देशों के बीच स्थलीय व्यापार का प्रभावित होना स्वाभाविक ही है।

चीन और पाकिस्तान उसे इन उत्पादों की ज्यादा आपूर्ति करने में सक्षम नहीं है। ज्ञात हो कि पाकिस्तान स्वयं बंगाल बना हुआ है। इसलिए वह बांग्ला देशी संसाधनों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहेगा। इससे बांग्ला देश में महंगाई भी चरम पर पहुंचेगी। 

बांग्ला देश ने चीन की कंपनियों को भारतीय सीमा के पास आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है। अनुभवों से पता चलता है कि चीन की वक्र दृष्टि जहां पड़ी वहां विनाश का तांडव शुरू हो जाता है।

श्रीलंका, पाकिस्तान एवं कई अफ्रीकी देश इसके उदाहरण हैं। पाकिस्तान में चाइनीज निवेश का अत्यन्त जोरदार विरोध हो रहा है। बांग्ला देश में भी ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है।

भारत से सस्ते सामानों का आयात रुकने का खामियाजा बांग्ला देश के आम नागरिकों को भुगतना पड़ेगा और इससे वहां आंतरिक असंतोष उत्पन्न हो सकता है।