बांग्ला देश के पिछले आयात टेंडर में भारत का ऑफर सबसे आकर्षक
05-Mar-2025 04:47 PM
मुम्बई। बांग्ला देश की सरकारी अनाज खरीद एजेंसी द्वारा 50 हजार टन गैर बासमती सेला चावल की खरीद के लिए जो अन्तर्राष्ट्रीय टेंडर जारी किया गया था उसमें भारत की ओर से सबसे कम मूल्य का ऑफर दिया गया।
3 मार्च को मूल्य ऑफर जमा करने का समय समाप्त होने के बाद जो तथ्य सामने आया उससे पता चलता है कि भारतीय चावल का बिड 477 डॉलर प्रति टन रहा जो सीआईएफ लाइनर आउट की शर्त के साथ है।
इसमें बांग्ला देश के चटगांव एवं मोंगला बंदरगाहों तक माल को पहुंचाने तथा वहां जहाज से चावल को उतारने तक का सारे खर्च शामिल है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चावल के जमा किए ऑफर मूल्य पर अभी विचार किया जा रहा है और इसकी खरीद का अनुबंध नहीं हुआ है। नियमानुसार अनुबंध प्राप्त होने के बाद 40 दिन के अंदर चावल का शिपमेंट करना होगा।
इसके ऊपर भी चावल के लिए कुछ कंपनियों द्वारा ऑफर मूल्य जमा किया गया। एक फर्म ने 477.77 डॉलर प्रति टन, दूसरी ने 479.50 डॉलर, तीसरी ने 490.56 डॉलर एवं चौथी ने 494.95 डॉलर प्रति टन का ऑफर दिया।
ये सारे ऑफर्स भारतीय चावल के लिए थे। एक अन्य कम्पनी ने 499.77 डॉलर प्रति टन का ऑफर दिया मगर वह भारत, म्यांमार, थाईलैंड एवं वियतनाम सभी देशों के चावल के लिए था।
चीन और भारत के बाद बांग्ला देश को दुनिया का तीसरा सबसे प्रमुख चावल उत्पादक माना जाता है जहां औसतन 4 करोड़ टन का वार्षिक उत्पादन होता है।
पिछले साल मूसलाधार वर्षा एवं भयंकर बाढ़ के कारण वहां धान की फसल को काफी नुकसान हुआ था जिससे चावल के उत्पादन में 11 लाख टन से अधिक की गिरावट आ गई।
इसी कमी को पूरा करने के लिए बांग्ला देश को चावल का आयात बढ़ाना पड़ रहा है। बांग्ला देश में सरकारी स्तर पर करीब 5 लाख टन चावल का आयात होने की उम्मीद है जबकि प्राइवेट व्यापारियों द्वारा भी इसे विदेशों और खासकर भारत से मंगाया जा रहा है।
