बांग्ला देश में भारत से सड़क मार्ग के जरिए चावल का आयात शुरू

28-Aug-2025 06:10 PM

ढाका। बांग्ला देश की सरकार ने प्राइवेट व्यापारियों को 5 लाख टन चावल के शुल्क मुक्त आयात की मंजूरी दी है और इस पर लगे 20 प्रतिशत के सीमा शुल्क को 13 अगस्त 2025 को वापस ले लिया था। प्राइवेट व्यापारियों को 4.60 लाख टन सेला चावल तथा 39 हजार टन कच्चा (सफेद) चावल मंगाने की स्वीकृति दी गई है।

दिलचस्प तथ्य यह है कि उससे एक दिन पूर्व यानी 12 अगस्त 2025 को भारत सरकार ने द्विपक्षीय व्यापार के लिए सड़क सीमा मार्ग को खोलने की घोषणा की थी। यह मार्ग 15 अप्रैल को बंद कर दिया गया था। इसके फलस्वरूप चावल के आयात-निर्यात की बाधा दूर हो गई। 

बांग्ला देश के आयातकों एवं भारत के निर्यातकों को दोनों देशों की सरकार द्वारा चावल कारोबार एवं सड़क मार्ग खोलने के बारे में लिए जाने वाले निर्णय की जानकारी पहले ही मिल गई थी इसलिए भारतीय निर्यातकों ने पेट्रापोल-बीनापोल सीमा सड़क मार्ग के आसपास स्थित वेयर हाउस में चावल का स्टॉक जमा कर दिया।

उधर बांग्ला देश के आयातकों ने भी इसकी खरीद का सौदा पहले ही करना आरंभ कर दिया था। इसके फलस्वरूप 13 अगस्त को जैसे ही बांग्ला देश में शुल्क समाप्ति की घोषणा हुई वैसे ही भारतीय चावल से लदे ट्रक सीमा पार करके बांग्लादेश पहुंचने लगे। 

चूंकि भारत बांग्ला देश का निकटतम पड़ोसी देश है और यहां सस्ते चावल का विशाल निर्यात योग्य भंडार भी मौजूद है इसलिए उसके आयातकों को भारतीय चावल मंगाने में कोई कठिनाई नहीं हो रही है।

हालांकि बांग्ला देश के सीमा म्यांमार से भी लगती है और वहां से चावल का अच्छा निर्यात भी होता है लेकिन बांग्ला देशी आयातक भारतीय चावल की खरीद को ही प्राथमिकता देते हैं।

इतना ही नहीं बल्कि वे पाकिस्तान से भी इसे मंगाने के इच्छुक नहीं होते हैं जबकि पिछले कुछ महीनों के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों में काफी सुधार आया है जबकि भारत के साथ रिश्ता ज्यादा सुखद नहीं रहा है।

समझा जाता है कि बांग्ला देश के व्यापारी इस पांच लाख टन चावल के सम्पूर्ण कोटे या इसके अधिकांश भाग की खरीद भारत से करना चाहेंगे क्योंकि यह आयात अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है।