भारी आपूर्ति के बावजूद उत्पादक मंडियों में लालमिर्च का भाव स्थिर
03-Mar-2025 05:07 PM
गुंटूर। हालांकि दोनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना की प्रमुख थोक मंडियों में लालमिर्च की आपूर्ति का दबाव काफी बढ़ गया है लेकिन स्थानीय डीलर्स एवं दिसावरी व्यापारियों के साथ-साथ निर्यातकों की अच्छी सक्रियता के कारण कीमतों में नरमी पर ब्रेक लगा हुआ है।
मुस्लिम बहुल देशों में लालमिर्च की बेहतर मांग देखी जा रही है जबकि चीन के आयातकों ने भी भारतीय लालमिर्च की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है।
आंध्र प्रदेश की बेंचमार्क गुंटूर मंडी में लालमिर्च की औसत दैनिक आवक बढ़ते हुए एक लाख बोरी के करीब पहुंच गई है। इससे कीमतों पर दबाव बनना चाहिए था लेकिन लालमिर्च का भाव पहले ही घटकर काफी नीचे आ चुका है और इस मूल्य स्तर पर इसकी अच्छी खरीदारी हो रही है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार बिजाई क्षेत्र में कुछ गिरावट आने के बावजूद लालमिर्च का उत्पादन काफी हद तक सामान्य रहने की उम्मीद है क्योंकि मौसम की अनुकूल स्थिति का सहारा मिलने से फसल की उत्पादकता में सुधार आने के संकेत मिल रहे हैं।
समझा जाता है कि रमजान की मांग से लालमिर्च का भाव अभी काफी हद तक स्थिर बना हुआ है। उत्पादकों को आगे इसके दाम में कुछ गिरावट आने की आशंका है इसलिए वे वर्तमान मूल्य स्तर पर अपना माल बेचने की जोरदार कोशिश कर रहे हैं।
गुंटूर मंडी में पिछले सप्ताह 334 नम्बर की लालमिर्च का भाव 11500/12500 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा जबकि हाल ही में आई गिरावट के बाद अब 341 नम्बर का दाम भी स्थिर हो गया है।
तेजा में भी ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। बांग्ला देश, मलेशिया एवं चीन में लालमिर्च की अच्छी मांग बनी हुई है। खाड़ी क्षेत्र के देश भी लालमिर्च एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों की खरीद कर रहे हैं।
घरेलू प्रभाग में मसाला निर्माण में लालमिर्च की मांग देखी जा रही है। अगले दो तीन सप्ताहों तक बाजार में भारी गिरावट आने की संभावना नहीं दिखाई पड़ रही है।
