बिहार में बाढ़ - वर्षा से फसल को हुई क्षति के लिए मुआवजा देने की घोषणा

28-Aug-2025 12:59 PM

पटना। बिहार में चालू माह (अगस्त) के दौरान विभिन्न जिलों में हुई मूसलाधार वर्षा तथा नदियों में आई बाढ़ के कारण खरीफ फसलों को काफी नुकसान हुआ है जिसे देखते हुए सरकार ने क्षतिपूर्ति या मुआवजा देने की घोषणा की है।

कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत किसानों को 8500 रुपए से लेकर 22,500 रुपए प्रति हेक्टेयर तक का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रभावित किसानों को 5 सितम्बर तक ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा। आरंभिक आंकलन के अनुसार भारी वर्षा एवं भयंकर बाढ़ से बिहार में 14 जिलों के 64 प्रखंडों के 577 पंचायतों में खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों को नुकसान हुआ है और इसके एवज में उन्हें क्षतिपूर्ति की राशि प्रदान की जाएगी।

जिन 14 जिलों को इसके लिए चिन्हित या नामित किया गया है उसमें पटना, नालंदा, भागलपुर, खगड़िया, बेगूसराय, मुंगेर, समस्तीपुर, वैशाली, भोजपुर, लखीसराय, कटिहार, मधेपुरा, सारण और शेखपुरा शामिल हैं।

इन जिलों के पंचायतों में जिन किसानों की फसल 33 प्रतिशत या उससे अधिक क्षतिग्रस्त हुई है उसे कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ मिलेगा। 

इस योजना के अंतर्गत वर्षा पर आश्रित तथा गैर सिंचित क्षेत्रों में फसल नुकसान के एवज में किसानों को 8500 रुपए प्रति हेक्टेयर तथा सिंचाई सुविधा वाले इलाकों में 17,000 प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा जबकि शाश्वत (पेरेनियल) अथवा बहुवर्षीय फसलों (गन्ना आदि) को हुई क्षति के लिए 22,500 रुपए प्रति हेक्टेयर की राशि प्रदान की जाएगी।

मुआवजा या अनुदान अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र में हुए नुकसान के लिए दिया जाएगा। इस स्कीम के तहत असिंचित क्षेत्र के लिए कम से कम 1000 रुपए, सिंचित क्षेत्र के लिए 2000 रुपए तथा बहुवर्षीय फसल के लिए 2500 रुपए का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। बिहार में जल्दी ही विधानसभा का चुनाव होने वाला है इसलिए सरकार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है।