भारी वर्षा से बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर बहुत ऊंचा

12-Sep-2025 01:43 PM

नई दिल्ली। दक्षिण पश्चिम मानसून की अत्यन्त-जोरदार बारिश का दौर जारी रहने से देश के अधिकांश प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर काफी ऊंचा हो गया है। पानी से लबालब भरने के कारण कुछ बांधों एवं बैराज के गेट खोले गए हैं जिससे उसके प्रवाह मार्ग में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया।

केन्द्रीय जल आयोग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार देश के पांच में से 3 संभाग में बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक उसकी कुल भंडारण क्षमता के 90 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गया है। देश के 161 प्रमुख बांधों में 45 प्रतिशत में पानी का भंडार तेजी से बढ़ा है। कई क्षेत्रों में मानसून की बारिश का दौर अभी जारी है।                           

जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक 161 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक बढ़कर 158.765 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पर पहुंच गया है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 182.496 बीसीएम का 87 प्रतिशत है।

पानी का मौजूदा भंडार गत वर्ष की समान अवधि से 25 प्रतिशत तथा दस वर्षीय औसत स्तर से 15 प्रतिशत अधिक है। इन 161 बांधों-जलाशयों में से 25 जलाशय में भंडारण क्षमता का 100 प्रतिशत पानी उपलब्ध है जबकि 49 अन्य बांधों में क्षमता के 90 प्रतिशत से ज्यादा पानी का भंडार मौजूद है। अन्य बांधों में भी पर्याप्त मात्रा में पानी का भंडार देखा जा रहा है। 

आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के 10, राजस्थान के 4, मध्य प्रदेश के 2 तथा उत्तर प्रदेश, झारखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उड़ीसा और कर्नाटक में एक-एक बांध में पूरी क्षमता के समतुल्य पानी का स्टॉक मौजूद है।

मिजोरम तथा गोवा में एक-एक जलाशय है और वे पानी से लबालब भरे हुए हैं। इससे आगामी रबी सीजन के दौरान विभिन्न फसलों की सिंचाई के लिए अधिक मात्रा में पानी प्राप्त हो सकेगा।

लेकिन कुछ क्षेत्रों में स्थिति उत्साहवर्धक नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान मानसून सीजन के दौरान देश के पूर्वी एवं पूर्वोत्तर राज्यों में दीर्घ कालीन औसत से कम वर्षा हुई है

जबकि पश्चिमोत्तर, मध्यवर्ती एवं दक्षिण भारत में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। बिहार-झारखंड में पिछले दो-तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है।