भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: क्या जीएम फसलों के आयात की इजाजत देगा भारत?

05-Jul-2025 10:50 AM

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: क्या जीएम फसलों के आयात की इजाजत देगा भारत?
★ भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिका लगातार भारत पर दबाव बना रहा है कि वह जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फसलों—जैसे सोयाबीन और मक्का—के आयात की इजाजत दे।
★ फिलहाल भारत में GM फसलों के सीधे आयात की अनुमति नहीं है, लेकिन सोयाबीन से निकला तेल देश में आयात किया जा सकता है।
★ सरकारी प्रवक्ता इन खबरों को खारिज कर चुके हैं कि भारत GM फसलें आयात करने जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है—कुछ इसे संभावित मानते हैं, तो कुछ इसे नकारते हैं।
★ इन परिस्थिति को देख एक कहावत याद आती हैं- आगे कुआ पीछे खाई।
~~~~~~~~~
अगर आयात नहीं खोला गया?
★ यदि भारत अमेरिका की GM फसलों को आयात करने से इनकार करता है, तो अमेरिका भारतीय उत्पादों—जैसे चावल, मसाले, प्रॉसेस्ड ड्राई फ्रूट्स, ग्वारगम आदि—पर शुल्क बढ़ा सकता है। इसका सीधा असर भारत के निर्यात पर पड़ेगा और देश को नए खरीदारों की तलाश करनी पड़ सकती है।
~~~~~~~~~~
अगर मक्का आयात की इजाजत मिली?
★ अगर भारत GM मक्का का आयात खोलता है तो सबसे पहले GMO आयात नीतियों में बदलाव करना होगा। इसके बाद आयात, घरेलू प्रोसेसिंग, क्रशिंग, एथेनॉल उत्पादन, DDGS के उपयोग और उसके निर्यात से जुड़े सभी नियमों में बड़ा बदलाव करना पड़ेगा।
★ फिलहाल भारत में एथेनॉल घरेलू मक्का और चावल से बनता है। मक्का ही एकमात्र ऐसी फसल है जो अभी एमएसपी के पास बिक रही है।
★ अगर आयातित मक्का एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने लगा, तो घरेलू मक्का की मांग गिर सकती है। इससे किसानों को बड़ा झटका लगेगा।
★ वहीं, चावल का उपयोग भी एथेनॉल के लिए होता है—इसकी खपत भी घटेगी, जबकि देश में पहले से ही पूल में बफर नॉर्म्स से कई गुना अधिक स्टॉक मौजूद है।
~~~~~~~~~~
बढ़ेगा DDGS का संकट?
★ अगर एथेनॉल के साथ-साथ आयातित मक्का से बने DDGS को भी घरेलू फीड इंडस्ट्री में इस्तेमाल की इजाजत मिलती है, तो यह सोया मील, सरसों खली, गेहूं की भूसी और अन्य चारा सामग्री के लिए गंभीर खतरा बन जाएगा।
★ अगर सरकार घरेलू उपयोग पर रोक लगाती है, तो DDGS के निर्यात के रास्ते खोलने होंगे। लेकिन इसके लिए ग्राहकों की खोज, परीक्षण, अनुमति, गुणवत्ता नियंत्रण जैसे कई कठिन चरणों से गुजरना होगा। इससे नीतियों में लीकेज और अनियमितताओं का भी खतरा रहेगा।
~~~~~~~~~~
★ अगर भारत GM फसलों के आयात की अनुमति देता है, तो इसे सिर्फ एक निर्णय नहीं, बल्कि एक पूरे कृषि-औद्योगिक ढांचे को हिला देने वाले बदलाव के रूप में देखा जाना चाहिए। यह फैसला किसानों, घरेलू इंडस्ट्री और भारत की खाद्य सुरक्षा सभी पर गहरा असर डालेगा।
~~~~~~~~~~
★ जितना जल्दी हो सके स्टॉक में पड़ी मक्का को निकालें।