भारत में मटर की आपूर्ति और मांग का संतुलन – 2025 में आयात और स्टॉक दोनों में तेज़ वृद्धि

05-Aug-2025 01:01 PM

भारत में मटर की आपूर्ति और मांग का संतुलन – 2025 में आयात और स्टॉक दोनों में तेज़ वृद्धि
★ नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, रबी 2025 में भारत में मटर (Pea) की कुल आपूर्ति 38.46 लाख टन तक पहुंचने की संभावना है, जो 2024 के 25.46 लाख टन और 2023 के 14.35 लाख टन से कहीं अधिक है। इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह आयात और कैरी-इन स्टॉक में उल्लेखनीय वृद्धि है।
★ रबी 2025 में मटर का उत्पादन 10 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले दो वर्षों में यह क्रमशः 10.11 लाख टन (2024) और 11.34 लाख टन (2023) रहा था।
★ सीजन 2025 में भारत 21 लाख टन मटर का आयात कर सकता है, जो 2024 के 11 लाख टन से लगभग दोगुना है। साथ ही, 2024 के 4.35 लाख टन के मुकाबले 2025 में कैरी-इन स्टॉक बढ़कर 7.46 लाख टन हो सकता है।
★ घरेलू खपत में भी इज़ाफा होने की संभावना है। 2024 में जहां घरेलू उपयोग 18 लाख टन रहा था, वहीं 2025 में इसके बढ़कर 28 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है।
★ अंतिम स्टॉक यानी एंडिंग स्टॉक भी 2024 के 7.46 लाख टन से बढ़कर 2025 में 10.46 लाख टन हो सकता है, जो यह दर्शाता है कि देश में आपूर्ति भरपूर बनी रह सकती है।
★ 2025 में भारत में मटर की आपूर्ति मजबूत रहने वाली है, मुख्यतः भारी आयात और पिछले स्टॉक की उपलब्धता के चलते। घरेलू उपयोग में भी तेज़ बढ़ोतरी का अनुमान है, लेकिन अधिक स्टॉक और आयात के कारण कीमतों पर दबाव रह सकता है।
★ 2025 वित्त वर्ष में मटर आयात 15-20 लाख टन रहने की उम्मीद। 
★ पोर्ट पर जुलाई के अंत तक 4.2 लाख टन मटर का स्टॉक उपलब्ध। अक्टूबर से कनाडा और रूस की फसल आने लगेगी तक तक जुलाई, अगस्त और सितंबर में आयात घटने की उम्मीद।
★ आयात घटने से पोर्ट पर पड़े माल की खपत बढ़ेगी जिससे कीमतों में तेजी आ सकती है।
★ आयात शरू होने के बाद ही कीमतों पर बनेगा दवाब।

महत्वपूर्ण सूचना:
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