भारत में ऑस्ट्रेलिया से 14 लाख टन से अधिक चना का आयात

12-Aug-2025 11:37 AM

ब्रिसबेन। भारत दुनिया में देसी चना का सबसे बड़ा उत्पादक एवं खपतकर्ता देश है जबकि ऑस्ट्रेलिया इसके निर्यात में प्रथम स्थान पर रहता है।

सरकारी एजेंसी- ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि चालू मार्केटिंग सीजन के शुरुआती नौ महीनों में यानी अक्टूबर 2024 से जून 2025 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से कुल 19,97,415 टन चना का निर्यात हुआ जिसमें से 14,03,529 टन का शिपमेंट अकेले भारत को किया गया। 

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक भारत को ऑस्ट्रेलिया से अक्टूबर-दिसम्बर 2024 की तिमाही में सर्वाधिक 9,34,583 टन तथा जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही में 4,68,796 टन चना का निर्यात किया गया।

भारत में इसका विशाल आयात होने के बाद चना का घरेलू बाजार भाव घटकर काफी नीचे आ गया क्योंकि इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता काफी बढ़ गई और सस्ती पीली मटर का विशाल आयात होने से चना की मांग भी कमजोर पड़ गई। इसके फलस्वरूप भारत में ऑस्ट्रेलिया से चना का आयात रुक गया।

अप्रैल और मई 2025 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया से चना नहीं मंगाया और जून में भी केवल 150 टन का आयात किया। इस बीच भारत सरकार ने अप्रैल में चना पर 10 प्रतिशत का आयात शुल्क भी लागू कर दिया। इससे अब देश में ऑस्ट्रेलियाई चना का आयात लगभग बंद हो गया है। 

एबीएस की रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया से अक्टूबर-दिसम्बर 2024 के दौरान कुल 12,35,037 टन, जनवरी-मार्च 2025 में 6,94,888 टन, अप्रैल में 11,195 टन, मई में 12,935 टन तथा जून 2025 में 43,360 टन चना का निर्यात किया गया। 

अक्टूबर 2024 से जून 2025 के नौ महीनों में ऑस्ट्रेलिया से भारत के अलावा कई अन्य देशों को भी चना का निर्यात किया गया। इसके तहत बांग्ला देश को 2,24,217 टन, पाकिस्तान को 2,81,410 टन तथा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को करीब 41 हजार टन का शिपमेंट किया गया। थोड़ी-बहुत मात्रा में ऑस्ट्रेलियाई चना का निर्यात कई अन्य देशों में भी हुआ।

वहां चना का नया माल अक्टूबर से आना शुरू होगा मगर इस बार भारतीय आयातक उसकी खरीद में कोई खास सक्रियता या जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहेंगे क्योंकि घरेलू बाजार भाव लगभग स्थिर बना हुआ है।