साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन

11-Apr-2026 07:39 PM

क्रशिंग इकाइयों की कमजोर मांग से सोयाबीन का भाव नरम 
 
नई दिल्ली। क्रशिंग- प्रोसेसिंग इकाइयों की लिवाली की गति धीमी पड़ने से 4-10 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान देश के तीनों शीर्ष उत्पादक प्रांतों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी भाव कुछ नरम पड़ गया लेकिन फिर भी सरकारी समर्थन मूल्य से ऊंचा रहा। ज्ञात हो कि मंडियों में आवक कम होने एवं कीमत ऊंची रहने से केन्द्रीय एजेंसी नैफेड द्वारा अपने स्टॉक के सोयाबीन की बिक्री नियमित रूप से की जा रही है। 
प्लांट भाव 
सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी भाव समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान मध्य प्रदेश में 5625/5750 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 5700/5800 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 5550/6000 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। 
सोया रिफाइंड तेल 
सोया रिफाइंड तेल के दाम में भी 3 से 5 रुपए प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई। महाराष्ट्र की मिलों में ज्यादा गिरावट रही। इसी तरह सोयाबीन तेल का भाव कोटा में तथा हल्दिया में 30-30 रुपए गिरकर क्रमश: 1560 रुपए एवं 1510 रुपए प्रति 10 किलो, कांडला में 40 रुपए घटकर 1535 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुम्बई में 70 रुपए लुढ़ककर 1500 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। 
युद्ध विराम 
वैश्विक बाजार के कमजोर समाचार से भी कीमतों में नरमी आ गई। अमरीका और ईरान के बीच अस्थायी युद्ध विराम की घोषणा होने तथा क्रूड तेल का भाव घटने से बाजार पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ रहा है।  
आवक 
राष्ट्रीय स्तर पर मंडियों में 4 अप्रैल को 1.25 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई थी जो 6 अप्रैल को 1.80 लाख बोरी पर पहुंचने के बाद 8 अप्रैल को गिरकर 1.70 लाख बोरी रह गई। सोयामील का कारोबार मंदा रहा जिससे भाव 500-1300 रुपए प्रति टन नीचे आ गया।