साप्ताहिक समीक्षा- सरसों
11-Apr-2026 07:50 PM
लम्बी तेजी के बाद सरसों के दाम में गिरावट
नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन-सरसों का थोक मंडी भाव पिछले कुछ सप्ताहों से ऊंचा एवं तेज चल रहा था और मूल्य संवर्धित उत्पादों की मांग एवं कीमत मजबूत होने से व्यापारी तथा तेल मिलर्स इसकी अच्छी खरीद कर रहे थे। लेकिन 4-10 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान सभी प्रमुख मंडियों में इसके दाम में 100 से 500 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आ गई।
42% कंडीशन सरसों
इस अवधि में 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली तथा जयपुर में 150 रुपए घटकर क्रमश: 6850 रुपए प्रति क्विंटल तथा 7250 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
सरसों
इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों का मूल्य भी डीसा में 150 रुपए, सिरसा में 300 रुपए, मुरैना- पोरसा में 225 रुपए, ग्वालियर में 200 रुपए। भरतपुर एवं अलवर में 200 रुपए तथा कोटा में 500 रुपए प्रति क्विंटल घट गया। उत्तर प्रदेश में सरसों का दाम हापुड़ में 75 रुपए एवं आगरा में 100 रुपए प्रति क्विंटल नरम रहा। कोलकाता में भी 50 रुपए की नरमी रही। कुछ मंडियों में हल्की क्वालिटी की सरसों का भाव घटकर सरकारी समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है।
सरसों तेल
सरसों का भाव नरम पड़ने से सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी का दाम भी नीचे आ गया। दिल्ली में एक्सपेलर तेल का मूल्य 10 रुपए नरम पड़कर 1470 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। मुम्बई में यह 55 रुपए घटकर 1465 रुपए और भरतपुर में 20 रुपए गिरकर 1460 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया।
आवक
राष्ट्रीय स्तर पर सरसों की दैनिक आवक 9 से 11.50 लाख बोरी (50 किलो की प्रत्येक बोरी) के बीच दर्ज की गई। इस विशाल आपूर्ति की वजह से भी कीमतों पर दबाव कुछ बढ़ गया।
