भारत में ऑस्ट्रेलिया से दिसम्बर में 1.59 लाख टन मसूर का भारी आयात
06-Feb-2026 05:01 PM
मेलबोर्न। दुनिया में दलहनों के सबसे बड़े उत्पादक, खपतकर्ता एवं आयातक देश- भारत में कनाडा के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया से भी बड़े पैमाने पर इसका आयात किया जाता है।
ऑस्ट्रेलिया से मुख्यतः चना तथा मसूर मंगाया जाता है जबकि कनाडा से मटर एवं मसूर और म्यांमार से उड़द-तुवर का आयात होता है। अफ्रीकी देशों से भी तुवर एवं चना का आयात किया जाता है।
ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों से पता चलता है कि दिसम्बर 2025 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से मसूर का कुल निर्यात तेजी से उछलकर 4,10,806 टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया जो नवम्बर 2025 के शिपमेंट 1,83,791 टन से 124 प्रतिशत अधिक रहा।
इसके फलस्वरूप नवम्बर-दिसम्बर 2025 के दो महीनों में ऑस्ट्रेलिया से कुल 5,94,596 टन मसूर का शानदार निर्यात हो गया जो वर्ष 2024 के इन्हीं दो महीनों के संयुक्त शिपमेंट 2,96,537 टन से काफी अधिक था।
दिसम्बर 2025 में भारत ऑस्ट्रेलियाई मसूर का सबसे बड़ा खरीदार रहा जिसने वहां से 1,59,067 टन मसूर का भारी आयात किया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया से बांग्ला देश को 1,39,343 टन तथा पाकिस्तान को 53,762 टन मसूर का निर्यात किया गया।
ध्यान देने की बात है कि दिसम्बर में भारत में रबी कालीन दलहन फसलों और खासकर चना, मसूर तथा मटर की जोरदार बिजाई हो रही थी लेकिन बाजार भाव कुछ ऊंचा चल रहा था। मसूर पर भारत में 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू था फिर भी विदेशों से भारी मात्रा में इसे मंगाया गया।
ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर से ही मसूर के नए माल की आवक शुरू हो गई थी जबकि नवम्बर-दिसम्बर 2025 में इसकी आपूर्ति की रफ्तार तेज हो गई।
