भारत में दलहनों के आयात में आई कमी

17-Sep-2025 09:39 AM

भारत में दलहनों के आयात में आई कमी
★ ताजा आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में भारत का कुल दलहनों का आयात 69.32 लाख टन पहुंचा। अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान कुल आयात 9.97 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 18.02 लाख टन की तुलना में लगभग 8.05 लाख टन कम है।
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प्रमुख दलहनों का आयात (अप्रैल-जुलाई 2025 बनाम 2024)
★ देसी चना आयात 0.27 लाख टन रहा जो सालाना आधार से 0.31 लाख टन कम है।
★ उड़द आयात 2.30 लाख टन पहुंचा, पिछले वर्ष की समान अवधि से 0.26 लाख टन कम।
★ मसूर आयात में बड़ी गिरावट देखी गई, आयात 1.76 लाख टन में सिमटा जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.05 लाख टन कम है।
★ पीली मटर आयात में भी सबसे बड़ी कमी आई, आयात 6.59 लाख टन घटकर 2.73 लाख टन रहा।
★ सभी दलहनों के विपरीत तुअर आयात पिछले वर्ष की समान अवधि से 0.16 लाख टन बढ़कर 2.91 लाख टन आया।
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कुल आयात में 45% की कमी देखी गई।
★ दरअसल पिछले वित्त वर्ष में दलहनों का आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था।
★ आयात इतनी बड़ी मात्रा में हुआ कि मसूर, देसी चना, मटर उत्पादक देशों में स्टॉक कम हुआ और भारत में बढ़ती उपलब्धता से कीमतों में भारी गिरावट ★ आई।
★ एक तरफ ऊंचे भावों पर आयात किया गया तो दूसरी ओर कीमतें टूटीं जिससे केवल आयातक ही नहीं, घरेलू कारोबारी, मिलर्स, स्टॉकिस्ट और किसान भी प्रभावित हुए।
★ कीमतों में आई गिरावट का असर खरीफ फसलों की बुवाई पर साफ दिखाई दे रहा है। अगर शीघ्र ही आयात नियमों में बदलाव नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
★ सरकार को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए, अन्यथा आगामी रबी सीजन में किसान चना, मसूर, मटर की जगह गेहूं, मक्का, मसालों और सरसों की बुवाई बढ़ा सकते हैं।