भारत ने बांग्ला देश के लिए ट्रांस शिपमेंट की सुविधा समाप्त कर दी
10-Apr-2025 04:45 PM
कोलकाता। बांग्ला देश से भारतीय बंदरगाहों के जरिए अन्य देशों को होने वाला निर्यात (ट्रांस शिपमेंट) अब संभव नहीं हो पाएगा क्योंकि भारत ने इसकी सुविधा समाप्त कर दी है।
उल्लेखनीय है कि चटगांव के मोंगला जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर बढ़ती भीड़ भाड़ को कम करने के लिए बांग्ला देश के निर्यातक अक्सर भारतीय बंदरगाहों पर अपना माल भेजते थे और वहां से इसे विभिन्न आयातक देशों को भेजा जाता था।
भारत सरकार ने कहा है कि बांग्ला देशी माल के आने से भारतीय बंदरगाहों पर भीड़ ज्यादा बढ़ गई है जिससे भारतीय उत्पादों का निर्यात प्रभावित हो रहा है और कई बार उसके शिपमेंट में अनावश्यक देर हो जाती है। इससे भारतीय निर्यातक काफी चिंतित और परेशान हैं।
उन्होंने सरकार से समस्या के समाधान का आग्रह किया और उसके बाद सरकार ने बांग्ला देश को प्रदत्त ट्रांस शिपमेंट की सुविधा वापस लेने का फैसला किया। इससे बांग्लादेशी निर्यातकों की कठिनाई काफी बढ़ जाएगी।
वैसे भी भारत और बांग्लादेश के बीच अब सम्बन्ध अच्छे नहीं हैं क्योंकि उसका झुकाव चीन और पाकिस्तान की तरफ ज्यादा है।
शेख हसीना के समय भारत और बांग्ला देश के बीच रिश्ते बहुत मजबूत थे मगर अब हालात बदल गए हैं इसलिए बांग्ला देश के खिलाफ कोई कदम उठाने में सरकार कोई संकोच नहीं करेगी।
एक सरकारी सर्कुलर के अनुसार उस ट्रांस शिपमेंट की सुविधा को समाप्त कर दिया गया है जिसके तहत बांग्ला देश से तीसरे देशों को जाने वाले निर्यात कार्गो को भारतीय लैंड कस्टम स्टेशनों का उपयोग करते हुए बंदरगाहों एवं हवाई अड्डों तक पहुंचने की अनुमति दी गई थी।
भारतीय निर्यातक और खासकर वस्त्र उत्पादों के निर्यातक सरकार से इस सुविधा को बंद करने का आग्रह कर रहे थे। इस सुविधा के कारण बांग्ला देश के उत्पादों को भूटान, नेपाल तथा म्यांमार जैसे देशों में निर्बाध ढंग से पहुंचने में सहायता मिल रही थी।
जून 2020 में भारत से बांग्ला देश को ट्रांस शिपमेंट की सुविधा प्रदान की थी जिसे करीब 5 साल के अंदर वापस ले ली गई। भारत के इस निर्णय से बांग्ला के निर्यात प्रदर्शन और उसकी अर्थ व्यवस्था को गहरा धक्का लगने की संभावना है।
