भारत और ब्रिटेन के बीच हुई द्विपक्षीय व्यापार संधि से दोनों देशों को होगा फायदा
07-May-2025 04:13 PM
नई दिल्ली। भारत तथा ब्रिटेन (इंग्लैंड) के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता होने से दोनों देशों के उत्पादकों एवं निर्यातकों को फायदा होगा और वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचने में सहायता मिलेगी।
इस द्विपक्षीय मुक्त व्यापार संधि (एफटीए) के लिए लम्बे समय से बातचीत चल रही थी। भारतीय उद्योग- व्यापार संगठनों ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा है कि ब्रिटेन के बाजार में जो निर्यातक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहते हैं उन्हें इस संधि से काफी सहारा मिलेगा।
वर्तमान समय में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के परिदृश्य में यह समझौता भारतीय निर्यात संवर्धन की दृष्टि से काफी कारगर साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस समझौते की सफलता इसके प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन तथा भारतीय उद्योग व्यापार क्षेत्र की क्षमता पर निर्भर करेगी।
निर्यातकों को ब्रिटिश बाजार में निरन्तर आगे बढ़ने का मजबूत आधार तो मिल जाएगा लेकिन यह देखना आवश्यक होगा कि वे किस तरह वहां अपनी क्षमता और दक्षता का उपयोग करते हैं।
इसके अलावा भारत में ब्रिटेन से नई उत्पादों का आयात बढ़ने की संभावन भी है जिससे स्वदेशी उत्पादकों को उसकी सख्त प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार इस द्विपक्षीय मुक्त व्यापार संधि से भारत के कुछ सेक्टर्स को मजबूत सहारा मिलेगा जिसमें तेजी से उभरते उपभोक्ता उत्पाद (एफएमसीजी), हेल्थकेयर तथा नव सृजनात्मक उधम आदि शामिल हैं।
फिक्की के अध्यक्ष का कहना है कि भारत के लिए यह समझौता 'मील का पत्थर' साबित हो सकता है। इससे वैश्विक स्तर पर एक आर्थिक महा शक्ति के एवं एक विश्वसनीय व्यापारिक साझीदार तथा प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में भारत की बढ़ती हैसियत का स्पष्ट संकेत मिलता है। यह समझौता अत्यन्त महत्वपूर्ण समय में हुआ है जो भारत के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान कर सकता है।
