भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार संधि पर शीघ्र हस्ताक्षर होने की संभावना

18-Jul-2025 02:43 PM

नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच एक बहु प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पर अगले सप्ताह औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर होने की उम्म्मीद है जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं निवेश के सम्बन्ध को मजबूत बनाता है।

अंतिम प्रारूप की फिलहाल समीक्षा की जा रही है और इसकी वैधानिकता पर विचार किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया जल्दी ही पूरी हो जाएगी और अगले सप्ताह इस पर हस्ताक्षर करना संभव हो जाएगा। लम्बे समय से इसका इंतजार किया जा रहा है। 

इस समझौता के लागू होने के बाद भारत से ब्रिटेन को निर्यात होने वाले कई उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त हो सकता है जिसमें कपड़े, फुटवेयर, खिलौने, चर्म उत्पाद, मैरीन (समुद्री) प्रोडक्ट्स तथा गहने- जेवरात आदि शामिल हैं।

इसी तरह भारत में ब्रिटेन की शराब, कार, चिकित्सा उपकरण, श्रृंगार प्रसाधन, चॉकलेट एवं सॉफ्ट ड्रिंक आदि पर आयात शुल्क को कम या खत्म किया जा सकता है जिससे भारतीय बाजारों में से उत्पाद अपेक्षाकृत सस्ते दाम पर उपलब्ध हो सकेंगे। दोनों देशों के बीच वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 120 अरब डॉलर पर पहुंचाने का जो लक्ष्य नियत किया गया है उसे हासिल करने में इस एफटीए से अच्छी सहायता मिलने की उम्मीद है।

लेकिन स्थानीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत ने संवेदनशील कृषि उत्पादों- सेब, पनीर तथा अन्य प्रेयरी सामानों को शुल्क कटौती के दायरे से बाहर रखा है। ब्रिटेन ने भी ऐसा ही तरीका अपनाया है।

हस्ताक्षर होने के बाद इस मुक्त व्यापार संधि (एफटीए) को एक तरफ ब्रिटिश संसद से मंजूरी दिलाने की तथा दूसरी ओर भारत के केन्द्रीय मंत्रिमंडल से अनुमोदित करवाने की आवश्यकता पड़ेगी। औपचारिक हस्ताक्षर होने के बाद लगभग एक साल के अंदर इसका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन आरंभ हो जाने की उम्मीद है। 

उल्लेखनीय है कि इस मुक्त व्यापार समझौता के लिए लम्बे समय से बातचीत हो रही थी और मई 2025 को दोनों देशों ने वार्ता की प्रक्रिया पूरी होने की घोषणा की थी।

इसके साथ ही तीन वर्षों से अधिक समय तक जारी जटिल वार्ता का अध्याय समाप्त हो गया और दोनों देश अंतिम निष्कर्ष पर पहुंच गए। भारतीय प्रधानमंत्री ने इस एफटीए को भारत ब्रिटेन के सम्बन्धों में एक "ऐतिहासिक माइल स्टोन" (मील का पत्थर) करार दिया है।