भारत और चीन में चावल का उत्पादन बढ़ने का अनुमान

11-Dec-2024 01:42 PM

नई दिल्ली । अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने अपनी नवीनतम मासिक (दिसम्बर) रिपोर्ट में चावल का वैश्विक उत्पादन बढ़कर 5337 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 5227 लाख टन से 110 लाख टन अधिक है।

इसके तहत चावल का उत्पादन भारत में 1378.30 लाख टन से 71.70 लाख टन उछलकर 1450 लाख टन तथा चीन में 1446.20 लाख टन से 13.80 लाख टन बढ़कर 1460 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है।

भारत में उत्पादन जितनी तेजी से बढ़ रहा है उसे देखते हुए प्रतीत होता है कि शीघ्र ही यह चीन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे प्रमुख चावल उत्पादक देश बन जाएगा। 

उस्डा ने इसके अलावा 2023-24 सीजन के मुकाबले 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में चावल का उत्पादन वियतनाम में 263 लाख टन से 2 लाख टन सुधरकर 265 लाख टन तथा इंडोनेशिया में 330.20 लाख टन से 9.80 लाख टन बढ़कर 340 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है मगर फिलीपींस में उत्पादन 123.30 लाख टन से 3.30 लाख टन घटकर 130 लाख टन रह जाने की संभावना व्यक्त की है।

चावल के अन्य प्रमुख उत्पादक देशों में थाईलैंड, पाकिस्तान, अमरीका, म्यांमार एवं कम्बोडिया आदि सम्मिलित हैं। चीन, इंडोनेशिया, फिलीपींस तथा अफ्रीकी देशों में विशाल मात्रा में चावल का आयात होता है जबकि भारत थाईलैंड, वियतनाम, पाकिस्तान, अमरीका एवं म्यांमार इसके शीर्ष निर्यातक देश हैं। 

उस्डा ने भारत से चावल के निर्यात में भी भारी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया है क्योंकि सरकार ने सभी नियंत्रणों-प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया है।

एशिया तथा अफ्रीका के अनेक देशों में भारतीय चावल की जबरदस्त मांग बनी हुई है। चीन में चावल का आयात 2023-24 के 15.30 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 17 लाख टन तथा फिलीपींस में 45 लाख टन से उछलकर 53 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है।