भारतीय बंदरगाहों पर खाद्य तेलों के स्टॉक में 8 प्रतिशत की कमी

22-Feb-2025 10:38 AM

मुम्बई। विदेशों से आयात कम होने तथा तिलहन में कोई समस्या नही रहने से भारतीय बंदरगाहों पर खाद्य तेलों का स्टॉक 15 फरवरी 2025 को घटकर 9.31 लाख टन रह गया जो 31 जनवरी 2025 को उपलब्ध स्टॉक 10.07 लाख टन से करीब 8 प्रतिशत कम था। भारत में मुख्यत, क्रूड पाम तेल, आरबीडी पामोलीन, सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का आयात होता है। 

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 31 जनवरी की तुलना में 15 फरवरी को भारतीय बंदरगाहों पर क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का स्टॉक 2.72 लाख टन से 35 प्रतिशत घटकर 1.78 लाख टन तथा क्रूड सोयाबीन तेल का स्टॉक 2.62 लाख टन से 16 प्रतिशत गिरकर 2.19 लाख टन रह गया।

दूसरी ओर इसी अवधि में आरबीडी पामोलीन का स्टॉक 1.60 लाख टन से 20 प्रतिशत बढ़कर 1.92 लाख टन तथा क्रूड सूरजमुखी तेल का स्टॉक 2.65 लाख टन से 15 प्रतिशत सुधरकर 3.04 लाख टन पर पहुंच गया।

भारतीय बंदरगाहों पर 31 जनवरी को 48 हजार टन से कुछ अधिक अन्य खाद्य तेलों का स्टॉक भी मौजूद था जो 15 फरवरी को 21 प्रतिशत गिरकर करीब 39 हजार टन रह गया। 

उधर चीन में 7 फरवरी की तुलना में 14 फरवरी को बंदरगाहों पर पाम तेल का स्टॉक 42 हजार टन से फिसलकर 39 हजार टन. सोयाबीन तेल का स्टॉक 80,100 टन से फिसलकर 79,600 टन रह गया। जबकि रेपसीड तेल का स्टॉक 62 हजार टन से सुधरकर 64 हजार टन पर पहुँच गया। 

चीन दुनिया में सोयाबीन का सबसे बड़ा आयातक देश है जहां ब्राजील तथा अमरीका जैसे देशों से विशाल मात्रा में इसका आयात किया जाता है।

चीन के बंदरगाहों पर 7 फरवरी को 5.06 लाख टन सोयाबीन का स्टॉक मौजूद था जो 14 फरवरी को घटकर 4.95 लाख टन रह गया। 

इधर भारत में इंडोनेशिया एवं मलेशिया से पाम तेल, अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से सोयाबीन तेल तथा रूस- यूक्रेन से सूरजमुखी तेल मंगाया जाता है।