भारतीय चावल का निर्यात ऑफर मूल्य घटकर 19 माह के निचले स्तर पर आया

07-Feb-2025 01:46 PM

हैदराबाद । भारतीय चावल का निर्यात ऑफर मूल्य चालू सप्ताह के दौरान घटकर पिछले 19 माह के निचले स्तर पर आ गया क्योंकि एक तो खरीफ कालीन माल की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ती जा रही है और दूसरे, अमरीकी डॉलर की तुलना में भारतीय मुद्रा (रुपया) की विनिमय दर लुढ़ककर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है। इससे विदेशी खरीदारों के लिए भारतीय चावल का दाम काफी आकर्षक हो गया है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 प्रतिशत टूटे भारतीय सेला चावल का फ्री ऑन बोर्ड निर्यात ऑफर मूल्य घटकर अब 418 से 428 डॉलर प्रति टन के बीच आ गया है जबकि पिछले सप्ताह यह 429-435 डॉलर प्रति टन के बीच चल रहा था। इसी तरह 5 प्रतिशत टूटे सफेद चावल का निर्यात ऑफर मूल्य भी 405 डॉलर प्रति टन से गिरकर अब 395 डॉलर प्रति टन रह गया है। 

एक अग्रणी निर्यातक का कहना है कि यद्यपि विदेशी आयातक भारतीय चावल की खरीद के इच्छुक हैं मगर घटते भाव को देखते हुए सतर्क हो गए हैं।

वे कीमतों में अंतिम गिरावट के बाद बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं। कीमतों में जैसे ही स्थिरता आएगी वैसे ही इसके आयात-निर्यात की गति बढ़ जाएगी।

केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक उछलकर जनवरी के आरंभ में 609 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया था जो न्यूनतम आवश्यक मात्रा से करीब आठ गुणा अधिक था। 

उधर वियतनाम में भी 5 प्रतिशत टूटे चावल का निर्यात ऑफर मूल्य बढ़कर 404 डॉलर प्रति टन पर आ गया है जो पिछले 29 महीनों का न्यूनतम स्तर है। दो सप्ताह पूर्व यह 417 डॉलर प्रति टन पर था।

भारत की वजह से वियतनाम को अपने चावल का दाम घटाने के लिए विवश होना पड़ रहा है क्योंकि उसे अपना परम्परागत बाजार भी हाथ से निकलने का डर सताने लगा है।

ल्यूनर नव वर्ष के अवकाश के कारण वहां गत सप्ताह कारोबार बंद रहा और अब भी व्यापार काफी धीमा है। जनवरी में वियतनाम से 5.27 लाख टन चावल का निर्यात हुआ जो गत वर्ष से 6.5 प्रतिशत अधिक रहा।

थाईलैंड के 5 प्रतिशत टूटे चावल का निर्यात ऑफर मूल्य भी पिछले सप्ताह के 450-455 डॉलर प्रति टन से लुढ़ककर चालू सप्ताह के दौरान 415-420 डॉलर प्रति टन पर आ गया।