भारतीय चावल व्यापारियों की मांग: बांग्लादेश को निर्यात मूल्य बढ़ाया जाए
22-Apr-2025 11:50 AM
भारतीय चावल व्यापारियों की मांग: बांग्लादेश को निर्यात मूल्य बढ़ाया जाए
★ बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने करीब डेढ़ साल बाद अपने खास किस्म के सुगंधित चावल के निर्यात की अनुमति दे दी है। इस फैसले से भारतीय निर्यातक चिंतित हैं क्योंकि इससे भारत की विशेष चावल किस्मों — जैसे सोना मसूरी, जीरा कसाला और प्रीमियम नॉन-बासमती — की मांग प्रभावित हो सकती है।
★ निर्यातकों का कहना है कि बांग्लादेश भारत से सस्ता चावल खरीदकर अपने सुगंधित चावल का निर्यात कर रहा है, जिससे भारतीय चावल बाजार को नुकसान हो रहा है।
★ एक निर्यातक ने बताया कि कीमत कम रखने की होड़ में कभी-कभी भारत में केवल $1 प्रति टन के मामूली लाभ पर भी चावल बेचा गया, जिससे उद्योग को नुकसान हुआ।
★ बांग्लादेश इस साल 6 लाख टन चावल आयात करने की योजना बना रहा है। हालिया निविदाओं में चावल की कीमतें $477 प्रति टन से गिरकर $394.77 प्रति टन तक आ गईं।
★ कुछ व्यापार विशेषज्ञों और निर्यातकों ने भारत सरकार से रणनीति बदलने और बांग्लादेश के लिए चावल निर्यात की कीमतें बढ़ाने की मांग की है ताकि किसानों को उचित लाभ मिल सके। कुछ ने तो बांग्लादेश को निर्यात अस्थायी रूप से बंद करने की सिफारिश भी की है।
★ हालाँकि, बांग्लादेश ने निर्यात पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं — जैसे न्यूनतम निर्यात मूल्य $1.6 प्रति किलोग्राम, कोटा ट्रांसफर पर प्रतिबंध और जरूरत पड़ने पर निर्यात पर रोक का प्रावधान।
