बेहतर बिजाई एवं अनुकूल मौसम से मक्का का उत्पादन सुधरने के आसार

19-Jul-2025 01:18 PM

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून की अच्छी बारिश होने तथा मौसम की हालत अनुकूल रहने से देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में मक्का की खेती के प्रति किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बरकरार है और इसके क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी हो रही है।

सरकार ने इस महत्वपूर्ण मोटे अनाज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 सीजन के 2225 रुपए प्रति क्विंटल से 175 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। 

परम्परागत खपतकर्ता उद्योगों के साथ एथनॉल निर्माण में भी जोरदार मांग निकलने से मक्का का घरेलू उपयोग लगातर बढ़ता जा रहा है और कीमतों में तेजी मजबूती का माहौल बना रहता है। यह स्थिति किसानों के लिए काफी सुखद है क्योंकि ऊंचे बाजार भाव से उन्हें आकर्षक आमदनी प्राप्त हो रही है।

हालांकि आधिकारिक आंकड़ों से ज्ञात होता है कि 2024-25 के सीजन में मक्का का घरेलू उत्पादन बढ़कर 422.81 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया लेकिन इसके बावजूद विदेशों से विशाल मात्रा में इसका आयात करना पड़ा। कृषि मंत्रालय के मुताबिक 2015-16 के सीजन में 225.67 लाख टन मक्का का घरेलू उत्पादन हुआ था जो 2024-25 तक आते-आते लगभग दोगुना बढ़ गया। 

रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद एक तरफ देश में मक्का का आयात 2023-24 सीजन के 1.37 लाख टन से उछलकर 2024-25 के सीजन में 9.70 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया तो दूसरी ओर भारत से इसका निर्यात 14.42 लाख टन से 61 प्रतिशत लुढ़ककर 5.56 लाख टन पर अटक गया।

इससे पूर्व 2022-23 के वित्त वर्ष में 34.53 लाख टन मक्का का शानदार निर्यात हुआ था। समझा जाता है कि पशु आहार, पॉल्ट्री फीड एवं स्टार्च निर्माण उद्योग के साथ-साथ एथनॉल उत्पादन में भी मक्का का उपयोग तेजी से बढ़ने के कारण इसका कारोबार तेजी से फैल रहा है।

मक्का का घरेलू बाजार भाव फिलहाल न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास चल रहा है क्योंकि एथनॉल निर्माण उद्योग में इसकी मांग कुछ कमजोर पड़ गई है। भारतीय खाद्य निगम एथनॉल निर्माताओं को 2250 रुपए प्रति क्विंटल से रियायती मूल्य पर अपने स्टॉक से चावल की भरपूर आपूर्ति कर रहा है।

पहले एथनॉल निर्माताओं के लिए 24 लाख टन चावल का कोटा आवंटित किया गया था जिसे बाद में 28 लाख टन बढ़ाकर 52 लाख टन नियत कर दिया गया। इस बार खरीफ सीजन में मक्का का उत्पादन बढ़ने के आसार हैं।