बेहतर उत्पादन की उम्मीद से चीनी के निर्यात की अनुमति देने की मांग

15-Sep-2025 10:55 AM

नई दिल्ली। स्वदेशी चीनी उद्योग की प्रमुख संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान देश में 349 लाख टन चीनी के उत्पादन का आरंभिक अनुमान लगाया है जो 31 जुलाई को लगाए गए अनुमान के बराबर ही है। चीनी के उत्पादन का इस्मा का पहला अग्रिम अनुमान अक्टूबर-नवम्बर में जारी होने की संभावना है।

हालांकि केन्द्र सरकार ने चीनी उद्योग को आगामी सीजन में एथनॉल निर्माण के लिए गन्ना के अवयवों तथा गन्ना जूस, शुगर सीरप, बी- हैवी शिरा तथा सी-हैवी शीरा के उपयोग की खुली छूट दे दी है लेकिन चीनी आकर्षक मूल्य को देखते हुए एथनॉल के उत्पादन में उन गन्ना अवयवों का बेतहाशा इस्तेमाल होने के आसार नहीं है। 

उद्योग समीक्षकों का कहना है कि यदि इस 349 लाख टन चीनी के कुल संभावित उत्पादन में से 40-45 लाख टन का उपयोग एथनॉल निर्माण में किया गया तब भी खाद्य उद्देश्य के लिए 300 लाख टन से अधिक शुद्ध चीनी का उत्पादन हो सकता है। घरेलू मांग एवं खपत 280-290 लाख टन के बीच हो सकती है।

इस तरह कम से कम 20 लाख टन चीनी का अधिशेष स्टॉक रह सकता है और यदि इसके निर्यात की अनुमति देती है तो स्वदेशी उद्योग को काफी राहत मिलेगी।

वैश्विक बाजार भाव नरम पड़ गया है क्योंकि ब्राजील में उत्पादन की स्थिति सुधरने लगी है और थाईलैंड में भी अधिक चीनी का उत्पादन होने की उम्मीद है। 

2024-25 सीजन के लिए सरकार ने 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है जिसके शिपमेंट की समय सीमा 30 सितम्बर 2025 को समाप्त होने वाली है।

मार्केटिंग सीजन में कुल कितनी चीनी का निर्यात हुआ इसका पता अगले महीने चलेगा लेकिन शिपमेंट का प्रदर्शन उत्साहवर्धक नहीं माना जा रहा है क्योंकि चीनी का घरेलू बाजार भाव अन्तर्राष्टीय बाजार मूल्य से ऊंचा चल रहा है।

2024-25 के मार्केटिंग सीजन के लिए पहले चीनी के उत्पादन का ऊंचा अनुमान लगाया गया था मगर बाद में इसमें नियमित रूप से कटौती होती रही।