बिजाई क्षेत्र में गिरावट के बावजूद धनिया का उत्पादन सामान्य होने के आसार
21-Apr-2025 12:39 PM
नई दिल्ली। वर्तमान फसल वर्ष के दौरान धनिया के घरेलू उत्पादन का परिदृश्य सामान्य या कुछ बेहतर प्रतीत हो रहा है।
2023-24 सीजन के मुकाबले 2020-25 सीजन के दौरान धनिया का बिजाई क्षेत्र गुजरात में कुछ बढ़ गया मगर राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में यह पीछे रह गया।
लेकिन मौसम एवं वर्षा की हालत अनुकूल रहने से फसल की औसत उपज दर में 12 से 15 प्रतिशत तक का इजाफा होने की उम्मीद है जिससे क्षेत्रफल में गिरावट आने से उत्पादन में आनेवाली की भरपाई हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि देश के इन तीन राज्यों में धनिया का सर्वाधिक उत्पादन होता है। इस बार इन राज्यों में सही समय पर अच्छी वर्षा हुई, तापमान लगभग सामान्य बना रहा और फसल को किसी गंभीर प्राकृतिक आपदा का प्रकोप नहीं झेलना पड़ा। इससे उपज दर एवं क्वालिटी में सुधार आने के संकेत मिल रहे हैं।
धनिया के बिजाई क्षेत्र में कमी आने का मुख्य कारण एक तो फसलों के विविधिकरण के प्रति किसानों का बढ़ता उत्साह रहा और दूसरे, कुछ इलाकों में उत्पादकों ने उन फसलों की खेती को प्राथमिकता दी जिसका बाजार भाव ऊंचा एवं आकर्षक चल रहा था।
धनिया की कीमतों में लम्बे समय से सीमित उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिरता का माहौल बरकरार रहने से इसकी खेती में किसानों की दिलचस्पी कुछ घट गई।
जहां तक बाजार भाव का सवाल है तो नई फसल की जोरदार आवक होने से इसमें ज्यादा तेजी की संभावना बहुत कम है। निकट भविष्य में धनिया का दाम या तो निश्चित सीमा में स्थिर रह सकता है या कुछ नरम पड़ सकता है।
यदि घरेलू एवं निर्यात मांग मजबूत रही तो कीमतों में कुछ सुधार भी आ सकता है। इस बार दाने की क्वालिटी अच्छी देखी जा रही है इसलिए इसकी खरीद में दिसावरी व्यापारियों एवं विदेशी आयातकों की सक्रियता बरकरार रहने की उम्मीद है।
नई फसल की जोरदार कटाई-तैयारी आरंभ हो चुकी है और इसलिए मंडियों में आपूर्ति का प्रवाह बढ़ता जा रहा है। अनेक व्यापारी एवं स्टॉकिस्ट फिलहाल बाजार के परिदृश्य पर गहरी नजर रखते हुए कीमतों में स्थिरता आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अगले कुछ सप्ताहों तक वे 'इंतजार करो और देखों' की नीति अपना सकते हैं।
घरेलू मांग तो इस बार भी सामान्य रहने की संभावना है लेकिन बाजार की तेजी-मंदी में निर्यात कारोबार की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
यदि विदेशी आयातकों ने भारतीय धनिए की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखाई तो कीमतों में कुछ मजबूत आ सकती है। दक्षिण-पूर्व एशिया मध्य पूर्व तथा खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारतीय धनिए का बेहतर निर्यात होने की उम्मीद है।
