ब्राजील में चावल के आयात को शुल्क मुक्त करने का निर्णय

22-May-2024 03:16 PM

ब्रासीलिया । लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील के सबसे प्रमुख चावल उत्पादक दक्षिणी राज्यों- रियो ग्रैंड डो सूल में अत्यन्त मूसलाधार बारिश तथा विनाशकारी बाढ़ के प्रकोप से धान की फसल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है जिसे देखते हुए संघीय सरकार ने चालू वर्ष के अंत तक के लिए गैर सेला (कच्चा) चावल तथा पॉलिशदार चावल के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया है।

उधर किसानों ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि शुल्क मुक्त आयात के लिए चावल का एक निश्चित कोटा नियत किया जाना चाहिए।

चूंकि वर्षा-बाढ़ का पानी अब भी खेतों में भरा हुआ है इसलिए धान की फसल को हुए नुकसान का आंकलन करना संभव नहीं हो रहा है।

31 दिसम्बर 2024 तक चावल के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देने का निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। 
ब्राजील के व्यापार मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि देश में चावल की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों में संभावित तेजी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

ब्राजील में दो-तिहाई धान-चावल का उत्पादन अकेले रियो ग्रैंड डो सूल प्रान्त में होता है जो अभी भयंकर बाढ़ की चपेट में फंसा हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि ब्राजील में गैर सेला (सफेद) चावल पर 9 प्रतिशत तथा पॉलिशदार चावल पर 10.8 प्रतिशत का आयात शुल्क लगता है जो दिसम्बर तक नहीं लगेगा। 

हालांकि केन्द्रीय एजेंसी- कोनाब द्वारा 1.04 लाख टन चावल की खरीद के लिए 21 मई को एक टेंडर जारी किया जाना था लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया और अब इसकी नई तिथि की घोषणा की जाएगी।

ब्राजील की सरकार चावल मंगाकर आम लोगों के बीच रियायती मूल्य पर उसका वितरण करना चाहती है इसलिए निविदा दस्तावेज में भी यह शर्त रखी गई थी कि आयातित चावल 2 किलो की पैकिंग में होना चाहिए।