ब्राजील में उत्पादन घटने से चीनी के वैश्विक वायदा मूल्य में सुधार
30-May-2025 01:34 PM
न्यूयार्क। दुनिया के सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक एवं निर्यातक देश- ब्राजील में उत्पादन की स्थिति कमजोर रहने से वैश्विक वायदा मूल्य पर दबाव बढ़ गया।
पिछले दिन जुलाई अनुबंध के लिए न्यूयार्क एक्सचेंज में कच्ची चीनी (रॉ शुगर) का वायदा भाव 0.10 सेंट प्रति पौंड (0.59 प्रतिशत) तथा अगस्त डिलीवरी के लिए लंदन एक्सचेंज में सफेद चीनी का वायदा मूल्य 2.20 डॉलर प्रति टन (0.47 प्रतिशत) बढ़ गया।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार शुरूआती चरण में चीनी के वायदा मूल्य में नरमी का माहौल रहा लेकिन बाद में ब्राजील में उत्पादन घटने का समाचार मिलने से कारोबारियों द्वारा शॉर्ट कवरिंग किए जाने के कारण न केवल नरमी पर ब्रेक लग गया बल्कि कीमतों में कुछ सुधार भी दर्ज किया गया।
ब्राजील के चीनी उद्योग की शीर्ष संस्था- यूनिका की रिपोर्ट के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान मई 2025 के प्रथम पखवाड़े में मध्य दक्षिणी क्षेत्र में चीनी का उत्पादन पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 6.8 प्रतिशत गिरकर 24.08 लाख टन रह गया।
इसी तरह 1 अप्रैल से 15 मई 2025 के दौरान मध्य दक्षिणी क्षेत्र में कुल 39.89 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ जो वर्ष 2024 की समान अवधि के उत्पादन से 227 प्रतिशत कम रहा।
उल्लेखनीय है कि ब्राजील में लगभग 90 प्रतिशत चीनी का उत्पादन मध्य दक्षिणी क्षेत्र में होता है और साओ पाउलो इसका सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।
चीनी के वायदा मूल्य में पिछले करीब दो महीनों से नरमी का माहौल बना हुआ था। न्यूयार्क एक्सचेंज में इसका वायदा भाव घटकर पिछले पौने चार साल के निचले स्तर पर आ गया था।
इसी तरह लंदन एक्सचेंज में भी सफेद चीनी का वायदा मूल्य लुढ़ककर सवा चार माह के निम्न स्तर पर आ गया था। विभिन्न संगठनों द्वारा चीनी के अधिशेष वैश्विक उत्पादन का अनुमान लगाए जाने से कीमतों पर भारी दबाव पड़ रहा है।
अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान चीनी का वैश्विक उत्पादन 4.7 प्रतिशत बढ़कर 1893.18 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है जो इसकी सकल वैश्विक खपत से 7.5 प्रतिशत ज्यादा है।
इससे अंतिम अधिशेष स्टॉक में भी बढ़ोत्तरी होगी। भारत में चीनी उत्पादन का नया सीजन अक्टूबर में आरंभ होगा और कुल उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है।
