बांधों-जलशयों में 28 सप्ताह के बाद पानी का स्तर बढ़ा

30-May-2025 11:01 AM

नई दिल्ली। केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम साप्ताहिक बुलेटिन से पता चलता है कि देशभर के 161 प्रमुख बांधों-जलाशयों में लगातार 28 सप्ताहों तक घटते रहने के बाद अब पानी के स्तर में कुछ वृद्धि हो गई है।

मानसून-पूर्व की अच्छी वर्षा होने तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून के जल्दी आने से यह स्थिति बनी है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार इन 161 बांधों-सरोवरों में पानी के कुल भंडारण क्षमता 182.444 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) की है जबकि उसमें 55.334 बीसीएम या 30.33 प्रतिशत पानी का भंडार मौजूद है। पिछले सप्ताह यह घटकर 29.37 प्रतिशत रह गया था।

मानसून की प्रगति के साथ पानी का स्टॉक भी नियमित रूप से बढ़ते जाने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जून माह के दौरान देश में सामान्य औसत से अधिक बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। 

आयोग के बुलेटिन के अनुसार यद्यपि चालू सप्ताह के दौरान देश के चार जोन में बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ गया मगर पूर्वी क्षेत्र में यह घटकर 25 प्रतिशत से भी नीचे आ गया।

राष्ट्रीय स्तर पर कम से कम 10 जलाशयों में भंडारण क्षमता के सापेक्ष पिछले सप्ताह 40 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ था जो चालू सप्ताह में बढ़कर 50 प्रतिशत के करीब पहुंच गया। इससे खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए अधिक मात्रा में पानी प्राप्त हो सकता है। 

मौसम विभाग के मुताबिक चालू वर्ष के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून की नियत तिथि से 8 दिन पूर्व यानी 24 मई को केरल में पहुंच गया। इससे पूर्व यह वर्ष 2009 में 23 मई को पहुंचा था।

दक्षिणी एवं पश्चिमी- मध्यवर्ती भाग में नियमित रूप से अच्छी बारिश हो रही है जिससे सरोवरों में जल स्तर ऊंचा होता जा रहा है। उत्तरी क्षेत्र के 11 जलाशयों में 19.836 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले 29.30 प्रतिशत या 5.811 बीसीएम पानी का स्टॉक बचा हुआ है जो गत वर्ष से कुछ कम है।

भंडारण क्षमता के सापेक्ष पंजाब में 42.15 प्रतिशत, राजस्थान में 52.72 प्रतिशत तथा हिमाचल प्रदेश में केवल 17.26 प्रतिशत पानी का स्टॉक उपलब्ध है। इस क्षेत्र में जून माह के दौरान मानसून की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है और तब जल स्तर में अच्छा सुधार हो सकता है।