चिली से अखरोट का निर्यात पुनः पटरी पर लौटने के संकेत

30-May-2025 12:50 PM

सांटियागो। दक्षिण अमरीका महाद्वीप में अवस्थित देश- चिली में पिछले साल की प्रतिकूल स्थिति और प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से अखरोट की फसल को जबरदस्त नुकसान हुआ था जिससे इसके उत्पादन एवं निर्यात में भारी गिरावट आ गई थी।

लेकिन इसके विपरीत चालू वर्ष में उत्पादन बेहतर होने और विदेशी मांग मजबूत होने से निर्यात का प्रदर्शन सुधरने के संकेत मिल रहे हैं। 

चालू वर्ष के दौरान चिली में अखरोट का उत्पादन सुधरकर 1.68 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है। वहां इसका नया मार्केटिंग सीजन आरंभ हो गया है और पहले माह में ही वहां से अखरोट का निर्यात गत वर्ष की तुलना में दोगुने से ज्यादा बढ़कर 2755 टन पर पहुंच गया। तुर्किए इसका सबसे बड़ा खरीदार रहा।

वहां निर्यात में तीन गुणा से भी अधिक की बढ़ोत्तरी हो गई। इसी तरह इटली को होने वाला निर्यात भी डेढ़ गुणा से ज्यादा बढ़ गया। मोरक्को को निर्यात में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

भारतीय खरीदारों ने गत वर्ष चिली से अखरोट मंगाने में कम दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन इस बार उसकी सक्रियता काफी बढ़ गई है। चिली से स्पेन तथा पेरू को भी अखरोट के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। 

इससे पूर्व चिली में वर्ष 2023 के दौरान लगभग 1.82 लाख टन अखरोट का शानदार उत्पादन हुआ था और उसे इसके अधिकांश भाग का निर्यात शिपमेंट करने का अवसर मिल गया था। इस बार भी हालात कुछ वैसे ही नजर आ रहे हैं।

घरेलू खपत बहुत कम होने से चिली को अखरोट का अधिकांश स्टॉक  निर्यात करने में सफलता मिल जाती है। चिली से करीब 5 सप्ताह पूर्व ही नए अखरोट का निर्यात आरंभ  हो चुका है लेकिन फिलहाल इसकी मात्रा वर्ष 2023 की तुलना में कुछ कम है।

उस समय सिर्फ तुर्किए  में ही इसका निर्यात बढ़कर 2500 टन से ऊपर पहुंच गया था। इसके अलावा भारत को लगभग 1500 टन तथा मोरक्को को करीब 1400 टन का शिपमेंट किया गया था।

इस वर्ष चिली से भारत को 1,30,225 किलो अखरोट का निर्यात हुआ जबकि तुर्किए को 9,95,725 किलो, इटली को 8,76,680 किलो, मोरक्को को 2,39,000 किलो तथा स्पेन को 1,52,425 किलो अखरोट का शिपमेंट किया गया। अन्य आयातक देशों में वियतनाम, पेरू, इंग्लैंड, इक्वेडोर तथा लिथुआनिया आदि शामिल हैं।