चना बाजार पर ऑस्ट्रेलिया की फसल का असर, निर्यात तेज़ और कीमतों में उतार-चढ़ाव

12-Apr-2025 09:21 AM

चना बाजार पर ऑस्ट्रेलिया की फसल का असर, निर्यात तेज़ और कीमतों में उतार-चढ़ाव
★ ऑस्ट्रेलिया में चना उत्पादन को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। शुरुआती अनुमान लगभग 15 लाख टन का था जिसे बाद में लगातार बढ़ाया गया। वर्तमान में यह 24-25 लाख टन के आसपास पहुंचने की संभावनाएं बन रही हैं।
★ दिसंबर से फरवरी के बीच ऑस्ट्रेलिया से कुल 15.9 लाख टन देसी चना का निर्यात किया गया, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 12.14 लाख टन रही। हाल ही में भारत सरकार द्वारा चने पर 10% आयात शुल्क लगाए जाने के बावजूद इसका अधिक असर नहीं दिखाई दिया, क्योंकि बड़ी मात्रा में निर्यात पहले ही हो चुका है।
★ ABARES की मार्च 2025 रिपोर्ट में ऑस्ट्रेलिया में चना उत्पादन 23 लाख टन बताया गया है, जो पिछले वर्ष के 7.84 लाख टन की तुलना में कई गुना अधिक है। इतनी बड़ी मात्रा में निर्यात कैसे संभव हुआ, इस पर भी व्यापारिक हलकों में चर्चा हो रही है।
★ घरेलू चना की कीमतों में हाल ही में आई तेजी का कारण स्टॉकिस्टों की सक्रिय खरीद और आयात शुल्क की घोषणा रही। हालांकि अब बाजार में सुस्ती देखी जा रही है और मांग में गिरावट आई है। घरेलू फसल भी अच्छी बताई जा रही है और विदेशों से आयात भी जारी है, जिससे कुल मिलाकर चना की उपलब्धता मजबूत बनी हुई है।
★ 8 अप्रैल को दिल्ली मंडी में चना की कीमत इस महीने के उच्चतम स्तर 5975 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी, लेकिन इसके बाद गिरावट दर्ज की गई। 11 अप्रैल तक यह 165 रुपए घटकर 5810 रुपए पर बंद हुआ।
★ 1 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया से आयातित चना का भाव 5660 रुपए था, जो एक सप्ताह में 6000 रुपए तक गया और फिर करीब 100 रुपए की गिरावट आई। ★ कुल मिलाकर स्टॉकिस्टों की मांग के कारण कीमतों में जो तेजी आई थी, वह अब घटती दिखाई दे रही है।
★ मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की अधिकांश मंडियों में देसी चना के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से थोड़े ही ऊपर हैं, जबकि गुजरात और राजस्थान की मंडियों में कीमतें MSP 5,650 के आसपास या उससे नीचे चल रही हैं।
★ सरकारी खरीद आंकड़े लम्बे समय से नहीं आ रहे।
★ कुल मिलकर जबतक मटर आयात नियमों में कोई बदलाव नहीं  किया जाता तबतक केवल चना ही नहीं अन्य दलहनों की कीमतों पर भी पड़ सकता है असर।