चीनी का अगला उत्पादन संतोषजनक होने का अनुमान
18-Sep-2025 03:45 PM
नई दिल्ली। गन्ना के बिजाई क्षेत्र में 1.63 लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी होने तथा मौसम एवं वर्षा की हालत अनुकूल होने से चीनी का अगला उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अखिल भारतीय स्तर पर गन्ना का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 55.68 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 57.31 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
इसके तहत खासकर महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में रकबा ज्यादा बढ़ा है जबकि उत्तर प्रदेश में क्षेत्रफल कुछ घट गया है। अगस्त माह के दौरान हुई भरपूर बारिश से गन्ना की फसल को काफी फायदा हुआ और इसलिए उसकी औसत उपज दर एवं चीनी की रिकवरी दर में सुधार आने आसार हैं।
इस्मा ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में 349 लाख टन चीनी का सकल उत्पादन होने का अनुमान लगाया है। इसमें से एथनॉल निर्माण में कितनी चीनी का उपयोग होगा- यह देखना आवश्यक होगा।
सरकार ने एथनॉल उत्पादन में गन्ना जूस, शुगर सीरप, बी हैवी शीरा एवं सी-हैवी शीरा के असीमित उपयोग की अनुमति दी है लेकिन चूंकि चीनी का घरेलू बाजार भाव ऊंचे स्तर पर चल रहा है इसलिए मिलर्स चीनी तथा एथनॉल के उत्पादन में संतुलन बनाने का प्रयास कर सकते हैं।
अगले महीने से गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का नया मार्केटिंग सीजन आरंभ होने वाला है और इसके लिए मिलों में आवश्यक तैयारी शुरू हो गई है। लेकिन महाराष्ट्र के कुछ जिलों में खेतों में अभी तक पानी भरा हुआ है इसलिए वहां गन्ना की कटाई कुछ देर से हो सकती है।
चीनी के अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों- गुजरात, तमिलनाडु, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में गन्ना के बिजाई क्षेत्र में कुछ कमी वृद्धि हुई है और फसल की हालत भी अलग-अलग देखी जा रही है।
बाढ़ का प्रकोप पंजाब-हरियाणा में भी देखा जा रहा है। उधर बिहार के कई जिलों में पिछले तीन चार दिनों से रुक-रुक कर भारी वर्षा हो रही है। महाराष्ट्र में गन्ना की प्रमुख फसल को कुछ नुकसान पहुंचने की आशंका है। चीनी का भाव ऊंचे स्तर पर बरकरार है।
