चीनी के निर्यात कोटे के आवंटन पर सर्वसम्मति बनाने का सुझाव

27-Aug-2025 04:51 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य सचिव ने कहा है कि इस बार गन्ना फसल की हालत काफी अच्छी दिखाई पड़ रही है और इससे चीनी के उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।

उन्होंने उद्योग संगठनों से कहा है कि वह अपनी इस मांग पर सर्वसम्मति बनाने का प्रयास करे कि चीनी का निर्यात कोटा केवल उन्हीं मिलों को आवंटित किया जाए जो इसका निर्यात करने की इच्छुक हों और जिसके पास अपने प्लांट से इसका शिपमेंट करने की सुविधा मौजूद हो।

इस मुद्दे पर उद्योग की राय मांगी गई है। उद्योग को आपस में विचार-विमर्श करके सर्वसम्मत निर्णय लेना चाहिए और तब सरकार को इसकी सूचना देनी चाहिए। 

यह कहना सही नहीं होगा कि उद्योग में सर्वसम्मति नहीं है मगर खाद्य मंत्रालय को इस बारे में उद्योग से कोई राय प्राप्त नहीं हुई है। खाद्य सचिव के मुताबिक जब वह प्राप्त होगी तब उसके सभी बिंदुओं का परीक्षण किया जाएगा और उसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि भारत से चीनी का निर्यात अभी प्रतिबंधित सूची में शामिल है और केवल केन्द्र सरकार द्वारा नियत कोटे के अनुरूप ही इसका शिपमेंट किया जा सकता है।

वर्तमान प्रणाली के अंतर्गत चीनी का निर्यात कोटा देश की सभी मिलों के लिए निर्धारित होता है जबकि कई मिलें इसके निर्यात की इस्छुक नहीं होती हैं और अनेक इकाइयों के पास शिपमेंट की सुविधा नहीं होती है।

खासकर बंदरगाह से दूरस्थ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पंजाब एवं हरियाणा आदि राज्यों के मिलर्स को चीनी का निर्यात करने में काफी कठिनाई होती है इसलिए वह अपना कोटा या तो सरकार को वापस लौटा देती है या ऐसी मिलों को बेच देती है जो चीनी का निर्यात करने में सक्षम है।

इसे देखते हुए उद्योग संगठनों ने कहा था कि चीनी का निर्यात कोटा केवल सक्षम इकाइयों को ही आवंटित किया जाना चाहिए। सरकार को सैद्धांतिक रूप से इस पर कोई एतराज नहीं है मगर वह इस पर उद्योग की सर्वसम्मत राय जानना चाहती है ताकि भविष्य में इसके सम्बन्ध में कोई विवाद न हो और मामला कोर्ट कचहरी तक न पहुंचे।