चना की सरकारी खरीद मध्य मार्च से आरंभ होने की उम्मीद
15-Jan-2026 09:32 PM
नई दिल्ली। रबी सीजन के सबसे प्रमुख दलहन फसल- चना की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है और अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी अगले महीने आरंभ हो जाएगी मार्च में देश के लगभग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में इसके नए माल की आवक होने लगेगी और तब मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत इसकी सरकारी खरीद भी आरंभ होने की संभावना है। चना के बिजाई क्षेत्र में इस बार अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है।
वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मध्य मार्च से प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण थोक मंडियों में अच्छी और औसत क्वालिटी के चना की पर्याप्त आपूर्ति होने लगेगी यदि वहां भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे रहा तो किसानों से इसकी सरकारी खरीद आरंभ की जा सकती है।
ध्यान देने की बात है कि नए चने की आवक फरवरी में ही शुरू हो जाती है लेकिन इसकी सरकारी खरीद मध्य मार्च से आरंभ करने का प्लान बनाया गया है।
इसके बारे में अधिकारियों का कहना है कि फरवरी में आने वाले चने में नमी का अंश ज्यादा हो सकता है जबकि मार्च से सूखे माल की आवक शुरू हो जाती है और तब किसानों को एमएसपी पर अपना उत्पाद बेचने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
सामान्य औसत क्वालिटी वाला चना उसे माना जाएगा जिसमें नमी का उच्चतम स्तर 12 प्रतिशत तक हो। मध्य मार्च से इस श्रेणी के चने की आवक जोर पकड़ने लगती है। 15 से 31 मार्च के दौरान चना में नमी का अंश क्रमिक रूप से घटता जाता है और इसकी क्वालिटी सरकारी खरीद के लिए उपयुक्त हो जाती है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक 2026 के रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान सरकार अपने बफर स्टॉक के लिए कम से कम 10 लाख टन चना खरीदने का प्रयास करेगी लेकिन यदि मंडियों में आवक अधिक हुई तथा कीमत नीचे रही तो इसकी सरकारी खरीद 10 लाख टन से ऊपर पहुंच सकती है।
सरकारी एजेंसियां चना की खरीद के लिए पूर्व निर्धारित मात्रा तक सीमित रहने के लिए बाध्य नहीं होगी और आवश्यकतानुसार खरीद की मात्रा बढ़ा सकती है।
समीक्षकों के मुताबिक नए माल की जोरदार आपूर्ति आरंभ होने तक चना का मंडी भाव एक निश्चित सीमा में ही ऊपर-नीचे होने की संभावना है। इसका एमएसपी बढ़ाकर अगले मार्केटिंग सीजन के लिए 5875 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
