चीनी का उत्पादन 340 लाख टन होने का सरकारी अनुमान

09-Oct-2025 04:52 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी का सकल घरेलू उत्पादन सुधरकर 340 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है मगर फिर भी यह शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एवं बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) द्वारा लगाए गए 349 लाख टन के उत्पादन अनुमान से 9 लाख टन या 2.6 प्रतिशत कम है।

वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चीनी उत्पादन का यह आरम्भिक और संकीर्ण अनुमान है जो 8 अक्टूबर 2025 को राज्यों के साथ हुई प्रथम दौर की बातचीत पर आधारित है। जब गन्ना की क्रशिंग प्रक्रिया आरंभ होगी तब इस उत्पादन अनुमान में थोड़ी वृद्धि की जा सकती है। 

उल्लेखनीय है कि इस्मा ने 31 जुलाई 2025 को चीनी का उत्पादन अनुमान 49 लाख टन नियत किया था। यह आरंभिक अनुमान था जो गन्ना के बिजाई क्षेत्र, पानी की उपलब्धता एवं फसल की शुरूआती प्रगति पर आधारित था।

अक्टूबर या नवम्बर में इस्मा चीनी उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान जारी कर सकता है। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि गन्ना का घरेलू उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 57.22 लाख हेक्टेयर से 1.86 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 59.07 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 52.51 लाख हेक्टेयर से काफी अधिक है।

बिजाई क्षेत्र के आधार पर गन्ना से चीनी के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद की जा सकती है लेकिन बाढ़-वर्षा से गन्ना की फसल को हो रहे नुकसान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सरकार को अपने चीनी उत्पादक अनुमान के प्रति सजग-सतर्क रहना होगा। हालांकि उत्तर प्रदेश के लिए जो अनुमान लगाया गया है वह आमतौर पर सही माना जा रहा है मगर महाराष्ट्र और कर्नाटक ने कहा है कि वह अपने उत्पादन अनुमान में आगे वृद्धि कर सकता है।

जैसे-जैसे गन्ना की क्रशिंग की गति तेज होगी- वैसे-वैसे चीनी के उत्पादन की तस्वीर भी साफ होती जाएगी। तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों का कहना है कि गन्ना फसल की हालत पिछले साल से बेहतर है और इसकी पैदावार में अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती है।