चीनी उत्पादन में महाराष्ट्र फिर बनेगा नंबर वन राज्य
06-Nov-2025 05:35 PM
पुणे। पिछले कई साल से चीनी के उत्पादन में नंबर वन की पोजीशन पर रहने के बाद 2024-25 के सीजन में वह खिसककऱ दूसरे स्थान पर आ गया और उत्तर प्रदेश सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य बन गया।
इससे पूर्व 2023-24 के सीजन में भी दोनों राज्यों के बीच चीनी उत्पादन का अंतर बहुत छोटा रहा था। यदि इस्मा के आंकड़ों पर विश्वास किया जाए तो महाराष्ट्र 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन में उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़कर पुनः चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य बन सकता है।
इंडियन शुगर एन्ड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) के आंकड़ों से पता चलता है कि महाराष्ट्र में गन्ना का बिजाई क्षेत्र पिछले सीजन के 13.82 लाख हेक्टेयर से 89 हजार हेक्टेयर बढ़कर इस बार 14.71 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में इसका क्षेत्रफल 23.30 लाख हेक्टेयर से घटकर 22.57 लाख हेक्टेयर रह गया। हालांकि गन्ना के बिजाई क्षेत्र के मामले में उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र से काफी आगे है लेकिन वहां गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर अपेक्षाकृत नीचे रहती है और गुड़ के निर्माण में भी गन्ना की विशाल मात्रा का इस्तेमाल किया जाता है।
इस्मा के मुताबिक महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन 2024-25 सीजन के 93.51 लाख टन से 39 प्रतिशत उछलकर 2025-26 के वर्तमान सीजन में 130 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है। इसमें एथनॉल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली चीनी भी शामिल है।
हालांकि चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में भी सुधरने की संभावना है मगर वहां महज 2.10 लाख टन की वृद्धि का अनुमान लगाया है। इस्मा के अनुसार उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन 101.01 लाख टन से बढ़कर 103.20 लाख टन पर पहुंच सकता है। इसमें भी एथनॉल उत्पादन में उपयोग होने वाली चीनी शामिल है।
