चीनी उद्योग को एथनॉल एवं ग्रीन हाइड्रोजन का निर्माण बढ़ाने का सुझाव
20-Dec-2024 05:27 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने चीनी उद्योग को विविधिकरण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने की संभावना तलाशने का सुझाव दिया है जिसमें एथनॉल- डीजल मिश्रण तथा ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन भी शामिल है।
इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को सम्बोधित करते हुए सड़क परिवहन मंत्री ने एथनॉल एवं सीएनजी पंप स्टेशनों की स्थापना की जरुरत पर भी जोर दिया जिसमें प्राइवेट क्षेत्र की भागीदारी भी होनी चाहिए।
मंत्री महोदय के अनुसार जीवाश्म ईंधन (पेट्रोलियम) के विकल्प के रूप में फ्लेक्स इंजन, एथनॉल आधारित इंजन तथा नयो सीएनजी के लिए विशाल गुंजाईश उपब्ध है और इसलिए इसका विकास-विस्तार होना चाहिए।
सड़क परिवहन मंत्री ने बांग्ला देश, भूटान, नेपाल तथा श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों को एथनॉल का निर्यात करने की संभावनाओं का पता लगाने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे एथनॉल कारोबार का विस्तार संभव हो सकेगा।
राजमार्ग मंत्री के अनुसार सबको पता है कि चीनी का निर्माण करना अब आकर्षक व्यवसाय नहीं रह गया है लेकिन उद्योग यदि एथनॉल, सीएनजी, हाइड्रोजन एवं अन्य सह-उत्पादों के निर्माण एवं कारोबार पर विशेष ध्यान देता है तो उसकी उत्पादकता एवं लाभप्रदत्ता में इजाफा हो सकता है।
उद्योग को विभिन्न आधुनिक विधियों एवं तकनीक के माध्यम से गन्ना की उपज दर बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। केन्द्र सरकार चीनी उद्योग की कुछ मांगों पर विचार कर रही है जिसमें चीनी के निर्यात की अनुमति देना और चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में इजाफा करना भी शामिल है।
सरकार चीनी उद्योग की बेहतरी के लिए सर्वोत्तम प्रयास करने को तैयार है ताकि चीनी का उत्पादन करना आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद साबित हो सके।
ज्ञात हो कि पिछले पांच साल से चीनी के एमएसपी में कोई बदलाव नहीं हुआ है जबकि जून 2023 से ही इसके व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध लगा हुआ है। चीनी का उत्पादन इस बार गत वर्ष से पीछे चल रहा है इसलिए फिलहाल इसके निर्यात की स्वीकृति देने में सरकार को कठिनाई हो सकती है।
