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17-Oct-2026 12:17 PM
हैदराबाद। प्रमुख आयातक देशों में अच्छी मांग निकलने, रुपए की विनिमय दर में सुधार आने तथा उत्पादन घटने की आशंका बढ़ने से भारतीय चावल का निर्यात ऑफर मूल्य बढ़कर पिछले एक साल से अधिक समय के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। एशिया महाद्वीप के अन्य निर्यातक देशों में भी विभिन्न कारणों से चावल का भाव मजबूत बना हुआ है। मजबूत मांग के सहारे वियतनामी चावल का निर्यात ऑफर मूल्य भी सुधर गया।
भारत के 5 प्रतिशत टूटे सेला चावल का निर्यात ऑफर मूल्य गत सप्ताह के 378-384 डॉलर प्रति टन से बढ़कर अब 384-389 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया जबकि 5 प्रतिशत टूटे कच्चे (सफेद) चावल का डॉलर मूल्य भी सुधरकर 385-390 डॉलर प्रति टन पर पहुंचा।
निर्यातकों का कहना है कि सीमित आपूर्ति के कारण घरेलू प्रभाग में धान का भाव मजबूत बना हुआ है। कई राज्यों में इसका उत्पादन घटने की संभावना है क्योंकि क्षेत्रफल में गिरावट आने के साथ-साथ इस बार बारिश भी कम हुई है। धान की नई फसल की कटाई शुरू हो चुकी है।
वियतनाम के 5 प्रतिशत टूटे चावल का निर्यात ऑफर मूल्य बढ़कर 440-450 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया है जो 21 अगस्त के बाद का सबसे ऊंचा स्तर तथा एक सप्ताह पूर्व के ऑफर मूल्य 420-430 डॉलर प्रति टन से 20 डॉलर प्रति टन ज्यादा है। नवम्बर से फिलीपींस में वियतनामी चावल का आयात दोबारा शुरू हो जाने की संभावना है।