चावल की सरकारी खरीद गत वर्ष से बेहतर मगर नियत लक्ष्य से पीछे

05-Mar-2025 11:00 AM

नई दिल्ली। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय स्तर पर चावल की सरकारी खरीद चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर 2024 से 28 फरवरी 2025 के बीच बढ़कर 458.40 लाख टन पर पहुंच गई

जो 2023-24 सीजन की समान अवधि की खरीद 438.40 लाख टन से 20 लाख टन या 5 प्रतिशत अधिक मगर कुल नियत लक्ष्य 495.60 लाख टन से काफी कम है।

सरकार ने आगामी रबी मार्केटिंग सीजन के लिए 70 लाख टन चावल की खरीद का लक्ष्य रखा है। उल्लेखनीय है कि 2023-24 के समूचे मार्केटिंग सीजन (खरीफ रबी एवं जायद) में सरकारी एजेंसी द्वारा केन्द्रीय पूल के लिए कुल 525.40 लाख टन चावल खरीदा गया था। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के वर्तमान खरीफ सीजन में 1179.30 लाख टन चावल के उत्पादन का अनुमान लगाया है जो एक नया रिकॉर्ड स्तर है।

इसमें से 38 प्रतिशत भाग या 458.40 लाख टन की सरकारी खरीद अब तक हो चुकी है जबकि पांच राज्यों में खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है।

कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के लिए धान के कुल उत्पादन का संशोधित अनुमान अभी तक जारी नहीं किया है जिसमें खरीफ के साथ-साथ रबी सीजन के उत्पादन की भी घोषणा शामिल होती है।

2023-24 के रबी सीजन में 146 लाख टन तथा जायद सीजन में 99.70 लाख टन चावल का उत्पादन आंका गया था। 

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को सभी सरकारी कल्याणकारी कार्यकर्मों एवं योजनाओं को संचालित करने के लिए करीब 410 लाख टन चावल की आर्थिक जरूरत पड़ती है जबकि उसके पास उस आवश्यकता से काफी अधिक मात्रा में चावल का स्टॉक मौजूद है।

इसके फलस्वरूप भंडारण और संचालन का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। इस विशाल स्टॉक को घटाने के लिए सरकार अनेक उपायों का सहारा ले रही है।