चावल का उत्पादन गत वर्ष के लगभग बराबर रहने की संभावना
22-May-2026 05:10 PM
हैदराबाद। चावल का वैश्विक उत्पादन 2026-27 सीजन के दौरान 54.50 करोड़ टन होने की संभावना व्यक्त करते हुए अंतर्राष्ट्रीय अनाज परिषद (आईजीसी) ने कहा है कि यह आंकड़ा गत सीजन (2025-26) के उत्पादन के आसपास मगर पिछले महीने के अनुमान से 3 लाख टन कम है। भारत में चावल का उत्पादन बढ़ सकता है जबकि कुछ देशों में इसके उत्पादन में कमी आ सकती है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि अल नीनो के प्रकोप से मानसून की वर्षा कम होने की संभावना को देखते हुए इस वर्ष भारत में चावल का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है मगर आईजीसी इससे सहमत नहीं है। वह चावल का उत्पादन बढ़ने का अनुमान लगा रहा है।
आईजीसी ने चावल की वैश्विक खपत का अनुमान 2026-27 सीजन के लिए 10 लाख टन घटाकर अब 54.30 करोड़ टन निर्धारित किया है। इसके फलस्वरूप चावल का वैश्विक बकाया स्टॉक 19.50 करोड़ टन से 20 लाख टन बढ़कर 19.70 करोड़ टन पर पहुंच सकता है।
चीन और भारत में इसका विशाल स्टॉक मौजूद रहने की संभावना है जबकि कुछ निर्यातक देशों में स्टॉक घट सकता है। भारत दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश है और वैश्विक निर्यात बाजार में करीब 40-42 प्रतिशत का योगदान देता है। भारत के अलावा थाईलैंड, वियतनाम, म्यांमार, पाकिस्तान, कम्बोडिया तथा अमरीका सहित कुछ अन्य देशों से भी चावल का निर्यात होता है।
चावल का वैश्विक कारोबार 6.10 करोड़ टन से सुधरकर 6.20 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने की संभावना है। 2025-26 के सीजन में 54.50 करोड़ टन चावल का वैश्विक उत्पादन आंका गया है।
