चावल की वजह से खाद्यान्न के सरकारी स्टॉक में सुधार
28-Feb-2025 01:57 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक लगातार घटता जा रहा है क्योंकि इसकी आमद नहीं हो रही है और निकासी की गति तेज है।
लेकिन दूसरी और चावल के स्टॉक में बढ़ोत्तरी हो रही है क्योंकि खरीद कालीन धान की कस्टम मिलिंग जारी रहने से खाद्य निगम को मिलर्स की ओर से नियमित तौर पर चावल का स्टॉक प्राप्त हो रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 26 फरवरी 2025 को केन्द्रीय पूल में 359.07 लाख टन चावल एवं 139.84 लाख टन गेहूं के साथ कुल 498.91 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था जो न्यूनतम आवश्यक बफर मात्रा से काफी अधिक था।
गेहूं की फसल प्रगति के विभिन्न चरण में है। मार्च में कहीं-कहीं अगैती नई फसल की कटाई-तैयारी शुरू होने की संभावना है जबकि अप्रैल से जोरदार कटाई आरंभ हो जाएगी।
इस बीच सरकार ने खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं की साप्ताहिक बिक्री की मात्रा बढ़ाकर 5 लाख टन नियत कर दी है ताकि इसके बाजार भाव में तेजी को नियंत्रित किया जा सके।
31 मार्च 2025 तक यह योजना जारी रहने की संभावना है इसलिए केन्द्रीय पूल से गेहूं की सतत निकासी जारी रहेगी और 1 अप्रैल 2025 तक इसका स्टॉक घटकर काफी नीचे आ सकता है।
चालू वर्ष के आरंभ में केन्द्रीय पूल में करीब 475 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था जिसमें 290.92 लाख टन चावल एवं 184.11 लाख टन गेहूं की मात्रा शामिल थी।
इससे पूर्व 1 फरवरी 2024 के खाद्यान्न का स्टॉक घटकर 342.91 लाख टन पर सिमट गया था जब चावल का स्टॉक 210.25 लाख टन एवं गेहूं का भंडार 132.66 लाख टन रह गया था।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास धान का विशाल भंडार मौजूद है जिससे 300 लाख टन से अधिक चावल प्राप्त हो सकता है।
इसके अलावा 1 अप्रैल से रबी कालीन धान की सरकारी खरीद भी शुरू हो जाएगी इसलिए चावल का स्टॉक नियमित रूप से बढ़ता रहेगा। लेकिन गेहूं के मामले में कुछ समस्या पैदा हो सकती है।
