चावल के वैश्विक बाजार मूल्य में और गिरावट आने की संभावना
16-Sep-2025 05:42 PM
हैदराबाद। हालांकि अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में चावल का भाव वर्तमान समय में बढ़कर पिछले आठ साल के निचले स्तर पर आ गया है और भारत तथा पाकिस्तान के कुछ इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं से धान की फसल क्षतिग्रस्त भी हुई है
लेकिन इसके बावजूद उद्योग-व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर चावल की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहेगी जिससे इसका दाम आगामी महीनों में घटकर कुछ और नीचे आ सकता है।
एक अग्रणी रिसर्च एजेंसी के अनुसार इस वर्ष भारत में मानसून की अत्यन्त जोरदार बारिश हुई जिससे धान की फसल को कुछ नुकसान हो सकता है।
यद्यपि मौसम विभाग ने इस बार देश में सामान्य औसत से अधिक वर्षा होने का जो अनुमान व्यक्त किया था वह सही साबित हुआ मगर कुछ क्षेत्रों में भारी अधिशेष बरसात के कारण फसल को आघात भी लगा है।
उधर अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्राजील तथा कोलम्बिया जैसे देशों में बेहतर उत्पादन के कारण इस बार चावल का वैश्विक उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है लेकिन भारत और पाकिस्तान से निर्यात में कमी आने के कारण चावल का वैश्विक कारोबार कुछ घट सकता है।
चावल की वैश्विक खपत में भी कमी आएगी। म्यांमार तथा अमरीका में चावल का उपयोग घट सकता है। चावल की वैश्विक खपत में भी कमी आएगी।
म्यांमार तथा अमरीका में चावल का उपयोग घट सकता है। कम खपत होने से चावल के वैश्विक बकाया अधिशेष स्टॉक में बढ़ोत्तरी होगी और खासकर भारत तथा पाकिस्तान में इसका स्टॉक बढ़ सकता है।
संयुक्त राष्ट्र संघ की अधीनस्थ एजेंसी- खाद्य एवं कृषि संगठन (फाओ) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त माह के दौरान चावल तथा गेहूं का वैश्विक बाजार मूल्य घटकर पिछले अनेक वर्षों के निचले स्तर पर आ गया क्योंकि इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम तथा मांग कमजोर रही।
फाओ की रिपोर्ट के मुताबिक चावल का वैश्विक उत्पादन 2024-25 सीजन के 54.99 करोड़ टन से बढ़कर 2025-26 के सीजन में 55.54 करोड़ टन पर पहुंचने का अनुमान है। इससे कीमतों पर दबाव बरकरार रह सकता है।
