छह माह में 3.65 लाख टन अरंडी तेल का निर्यात

11-Aug-2025 09:44 PM

मुम्बई। एक अग्रणी उद्योग संस्था- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि चालू कैलेंडर वर्ष की पहली छमाही में यानी जनवरी-जून 2025 के दौरान भारत से अरंडी तेल का निर्यात 3,65,111 टन पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के शिपमेंट से कम रहा।

पिछले साल के समान महीनों की तुलना में इस वर्ष अरंडी तेल का निर्यात जनवरी में 53,204 टन से फिसलकर 52,926 टन, फरवरी में 65,663 टन से गिरकर 58,092 टन, अप्रैल में 72,801 टन से घटकर 63,373 टन तथा मई में 89,786 टन से लुढ़ककर 68,982 टन पर अटक गया।

इसी तरह जून में भी अरंडी तेल का निर्यात 56,412 टन पर पहुंच सका जो जून 2024 के शिपमेंट 59737 टन से  कम रहा। लेकिन मार्च में इसका निर्यात 65,170 टन से सुधरकर 65,326 टन पर पहुंच गया। 

एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 की सम्पूर्ण अवधि (जनवरी-दिसम्बर) के दौरान देश से कुल 6,49,510 टन अरंडी तेल का निर्यात हुआ था जबकि इसकी गत वर्ष 2023 में 6,29,418 टन तथा  2022 में 5,82,399 टन दर्ज की गई थी।

इससे साफ संकेत मिलता है कि देश से प्रति वर्ष इस महत्वपूर्ण औद्योगिक तेल के निर्यात में इजाफा हो रहा है। दुनिया के अनेक देशों में भारत से बड़े पैमाने पर अरंडी तेल का आयात किया जाता है।

भारत संसार में अरंडी का सबसे बड़ा उत्पादक एवं अरंडी तेल और अरंडी मील का सबसे प्रमुख निर्यातक देश है। अरंडी के मूल्य संवर्धित उत्पादों के वैश्विक निर्यात बाजार पर भारत का वर्चस्व बरकरार है और दूर-दूर तक कोई अन्य देश इसे चुनौती देने की स्थिति में नहीं है।

भारत में अरंडी का सर्वाधिक उत्पादन गुजरात और राजस्थान में होता है जबकि आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना सहित कुछ अन्य प्रांतों में भी इसकी पैदावार होती है।