छत्तीसगढ़ में 149 लाख टन से अधिक धान की सरकारी खरीद

08-Feb-2025 11:47 AM

रायपुर । केन्द्रीय पूल में चावल का योगदान देने वाले एक अग्रणी राज्य- छत्तीसगढ़ में धान की सरकारी खरीद शानदार ढंग से हो रही है लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि यह खरीद नियत लक्ष्य से कुछ पीछे रह जाएगी।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के मौजूदा खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान छत्तीसगढ़ में धान की कुल सरकारी खरीद 31 जनवरी 2025 तक बढ़कर 149 लाख टन से ऊपर पहुंच गई। राज्य में 15 नवम्बर 2024 से 2739 क्रय केन्द्रों पर धान की खरीद आरंभ हुई थी। 

समझा जाता है कि राज्य में धान खरीद की समय सीमा आगे बढ़ाई जा सकती है क्योंकि अनेक किसान अभी तक अपना उत्पाद बेचने में सफल नहीं हो पाए हैं।

धान की बिक्री के लिए करीब 27.70 लाख किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था जिसमें से 25.40 लाख किसान ही अपना उत्पाद बेचने में सफल हो सके। इन किसानों को 31,089 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। 

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 2024-25 सीजन के लिए 160 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था  जिसमें से 149 लाख टन की खरीद हो चुकी है जो पिछले सीजन की समान अवधि की खरीद 144.90 लाख टन से करीब 4 लाख टन ज्यादा है।

यद्यपि यह धान की खरीद का नया रिकॉर्ड स्तर है लेकिन नियत लक्ष्य से 11 लाख टन पीछे है। अगर खरीद की समय सीमा बढ़ाई गई तो लक्ष्य को प्राप्त करना संभव हो सकता है। 

छत्तीसगढ़ में किसानों को धान के लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का भाव प्राप्त हो रहा है जिसमें 2300 रुपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा 800 रूपए प्रति क्विंटल की इनपुट सब्सिडी शामिल है।

राज्य के कुछ भागों में खरीफ  सीजन के दौरान भयंकर बाढ़ आने से धान की फसल क्षतिग्रस्त हो गई थी।